पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट में पहली बार पीयू स्टूडेंट काउंसिल सदस्यों को स्थाई सीट मिलेगी। दिवाली से पहले इस संबंध में चांसलर दफ्तर से आदेश जारी होने की उम्मीद है। अब छात्र नेता पीयू कैंपस और 192 एफिलिएटेड कॉलेजों और लाखों स्टू़डेंट्स से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा सकेंगे।
पंजाब यूनिवर्सिटी की 1 नवंबर को गठित होने वाली नई सीनेट में इस बार पीयू स्टूडेंट काउंसिल को सीट मिलना तय माना जा रहा है। इस संबंध में पंजाब यूनिवर्सिटी चांसलर और देश के उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी के दफ्तर में कुलपति की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। रविवार को पीयू सीनेट में कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने बताया कि इस मामले में वह पहले ही चांसलर दफ्तर में प्रस्ताव रख चुके हैं।
पीयू सीनेट के इतिहास में पहली बार पीयू कैंपस के 15 हजार स्टूडेंट्स की ओर से चुने गए छात्र नेता को सीनेट में बैठने और बोलने का अधिकार मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार सीनेट में एक सीट मिलना तो यह है, अगर कुलपति की अनुशंसा पर चांसलर दफ्तर की ओर से कार्रवाई हुई तो दो छात्र काउंसिल सदस्यों को भी सीनेट मेंबर नॉमिनेट किया जा सकता है। रविवार पीयू सीनेट में काउंसिल में छात्र काउंसिल के एक सदस्य को नॉमिनेट करने के मुद्दे को पूर्व छात्र नेता डॉ. डीपीएस रंधावा ने पूरे जोरों से उठाया था। मामले में कुलपति प्रो.अरुण ग्रोवर ने कहा कि वह तो चाहते हैं कि महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी की तर्ज पर स्टूडेंट काउंसिल के दो सदस्यों को सीनेट में हिस्सेदारी मिले।