पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में 7 सितंबर को होने वाले छात्र काउंसिल चुनाव में इस बार मुकाबला काफी तगड़ा होने की उम्मीद है। शुक्रवार पीयू चुनाव में प्रेसिडेंट पद के लिए 50 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है। जिसमें से 12 लड़कियों के नाम शामिल हैं। ऐसे में पीयू चुनाव में इस बार लड़कियां कड़ी टक्कर देगी और नया इतिहास भी रच सकती हैं।
देर शाम पीयू डीएसडब्ल्यू दफ्तर की ओर से जारी लिस्ट में प्रेसिडेंट पद के लिए 50,वाइस प्रेसिडेंट के 40,सेक्रेटरी के 50 और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के 47 कैंडीडेट्स ने नामांकन भरा। सभी विभागों में सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक नामांकन भरने की प्रक्रिया पूरी की गई । 10.30 के बाद किसी भी कैंडीडेट को एंट्री नहीं दी गई। सभी प्रमाण पत्र पूरी नहीं होने के कारण कई स्टूडेंट नामांकन ही नहीं भर सके। उधर नामांकन के बाद कई विभागों में ऑब्जेक्शन और नामांकन रद्द करने को लेकर हंगामा भी हुआ। छात्र संगठनों ने उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होने की स्थित को देखते हुए 3 से 4 स्टूडेंट को रिजर्व रखा हुआ था। शनिवार दोपहर बाद नामांकन वापसी के बाद चुनाव में उतरने वाले उम्मीदवारों का पता चलेगा।
आज जारी होगी उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट
7 सितंबर को पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में खड़े होने वाले असल उम्मीदवारों की लिस्ट शनिवार दोपहर 3 बजे जारी होगी। सुबह 10 बजे अप्रूवड कैंडीडेट्ल की लिस्ट जारी होगी। 10.30 से 12.30 बजे तक नामांकन वापिस लिए जा सकेंगे। उम्मीद के तहत सभी चार प्रमुख पदों पर 4 से 5 उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में रहने की उम्मीद है।
चारों पदों पर लॉ विभाग से सबसे अधिक स्टूडेंट्स ने भरा नामांकन
छात्र काउंसिल चुनाव में सबसे अधिक उम्मीदवार इस बार पीयू के लॉ (तीन वर्षीय) विभाग से हैं। जबकि सबसे अधिक वोट यूआईईटी विभाग की हैं। प्रधान पद के लिए लॉ से 7, वाइस प्रेसिडेंट 5जनरल सेक्रटेरी 7 और ज्वाइंस सेक्रेटरी पद पर 7 स्टूडेंट्स ने नामांकन भरा है। चुनाव मैदान में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूठ ऑफ एप्लीलाइड मैनेजमेंट साइंसेस(यूआईएएमएस), सेंटर फॉर पब्लिक हेल्थ,यूआईईटी विभाग से ही सबसे अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
उर्द विभाग से दो उम्मीदवार
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में पहली बार उर्दू विभाग से दो कैंडीडेट प्रधान पद की दौड़ में हैं। सोई प्रधान पद के उम्मीदवार पीयूष आनंद और गगनदीप सिंह शामिल हैं। पीयूष को सोई का कड़ा उम्मीदवार माना जा रहा है,ऐसे में छोटा विभाग होते हुए भी सभी की निगाहें इस विभाग पर हैं। पीयूष के नामांकन पर कुछ छात्र संगठनों ने ऑब्जेक्शन किया तो वहां काफी देर हंगामा भी हुआ।