डिफाल्टरों से रिकवरी चार्ज करने में नगर निगम काफी सुस्त है। बिना मंजूरी के इस समय शहर में अलग- अलग छात्र नेताओं की ओर से जमकर पोस्टर लगाए जा रहे हैं। नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ इन्हें हटाने में लगा है, जबकि छात्र नेताओं को जुर्माने के नोटिस छात्रसंघ चुनाव के बाद भेजे जाएंगे।
अभी नगर निगम ने जुर्माने की राशि की गणना करनी शुरू नहीं की है। यह गणना चुनाव के बाद होगी। नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अनुसार कर्मचारियों ने अभी तक पूरे शहर में 300 पोस्टर हटाए हैं। उनकी तस्वीरें भी खींची गई है। ये पोस्टर किन- किन छात्र नेताओं और पार्टी के हैं, उसकी जानकारी भी जुर्माना कैलकुलेट करवाने के लिए भेजा है। यह पोस्टर सेक्टर-26, 10, 32, 46 के कालेजों के बाहर और बाजारों से हटाए गए हैं।
नगर निगम को छह छात्र नेताओं से पिछले साल का 53 लाख रुपये का जुर्माना वसूलना है। नगर निगम जुर्माने की रिकवरी करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। नगर निगम इन छात्र नेताओं की प्रापर्टी सील के लिए भी डीसी आफिस को पत्र लिख चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। मालूम हो कि 7 सितंबर को पीयू और कालेजों की छात्र काउंसिल के चुनाव होने की संभावना है।
10.48 करोड़ रुपये बकाया लेना है निगम ने
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- फोटो : Amar Ujala
नगर निगम ने कुल 310 डिफाल्टरो की सूची प्रशासन को भेजी है। इनमें शहर की कई मशहूर दुकानें भी शामिल हैं. जिन्होंने अपने दुकानों के बाहर अवैध ढंग से विज्ञापन बोर्ड लगाए थे। नगर निगम की ओर से 10.48 करोड़ रुपये के जुर्माने के नोटिस भेजे गए हैं, लेकिन नगर निगम इनमे से सिर्फ 1.26 लाख रुपये ही वसूलने में कामयाब रहा।
यह नोटिस 10 हजार से लेकर 81 लाख रुपये के थे। जुर्माना राशि न लेने के मामले में सलाहकार ने विजिलेंस जांच के भी आदेश दिए है। यह जांच चल रही है। आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों ने शहर में विज्ञापन कंट्रोल एक्ट के तहत लगे बोर्ड लगने पर जुर्माना वसूलने की बजाय डिफाल्टरों से सेटलमेंट करने पर ध्यान दिया। जबकि अधिकारियों के पास सिर्फ नोटिस भेजने का अधिकार था।
नगर निगम को चाहिए कि समय रहते डिफाल्टरों को नोटिस भेजकर जुर्माना वसूल करे। रिकवरी चार्ज करने में नगर निगम काफी सुस्त है, जबकि अगर नगर निगम पूरी रिकवरी कर ले तो शहरवासियों पर हाउस टैक्स लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
- सुरेंद्र शर्मा, मुख्य प्रवक्ता, फासवेक
छात्र सगठनों की ओर से शहर में पोस्टर लगाना विज्ञापन कंट्रोल एक्ट के खिलाफ है। अतिक्रमण हटाओ दस्ते को अलर्ट कर दिया गया है। सभी को जुर्माने के नोटिस भेजे जाएंगे।
- वीरेंद्र चौधरी, ज्वाइंट कमिश्नर