फीस के मुद्दे पर पीयू में पूर्व स्टूडेंट काउंसिल ने विभिन्न स्टूडेंट यूनियन के साथ प्रदर्शन कर विद्यार्थियों की डिग्रियों की बोली लगाई। इस दौरान छात्रों ने एडमिन ब्लॉक के बाहर ‘पीयू लूट पात्र’ बनाया। विद्यार्थियों ने सिंबोलिक तरीके से बीटेक-एमटेक, एमबीए, एमएससी आदि की डिग्रियों की बोलियां लगाई।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी पढ़ाई करवाने की बजाय महंगे भावों में डिग्रियां बेच रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इस दौरान पीयू में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी।
उधर, पीयू प्रशासन ने फीस जमा करने की तिथि को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है। साथ ही आश्वासन दिया है कि इस दौरान बीच में बैठक आयोजित की जाएगी और इसमें महामारी से पीड़ित परिवारों का ध्यान रखा जाएगा।
पीयू के लोगो के साथ बनाई डिग्री का रिक्शे पर किया प्रदर्शित
पीयू में छात्र संगठन पीएसयू (ललकार), एएसए, एसएफएस, पीयूसीएससी, पीयूएसयू, एसएएसएच, एनएसयूआई, सोई, इनसो, सोपू, एएफएसएस, एसएफआई, वाई 4 एस, सीवाईएसएस और एआईएसए के प्रतिनिधियों ने एडमिन ब्लॉक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों ने एक रिक्शा पर पीयू के लोगो के साथ बनाई गई डिग्रियों को प्रदर्शित किया था। इसमें ये दिखाया कि पीयू छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के बजाय फीस एकत्र करने और डिग्री बेचने के बारे में ज्यादा चिंतित है। ऑनलाइन क्लास का नाम लेकर पीयू इस महामारी के दौर में में फीसें बढ़ाकर वसूल करने में लगा है।