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फीस पर पंजाब यूनिवर्सिटी में फिर उबाल, छात्र संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए लगाई डिग्री की सेल

Tue, 11 Aug 2020 10:22 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • एडमिन ब्लॉक के बाहर रिक्शे पर छात्रों ने बनाया ‘पीयू लूट पात्र’
  • पीयू प्रशासन पर पढ़ाई करवाने की बजाय महंगे भावों में डिग्रियां बेचने का लगाया आरोप
  • पीयू ने एडमिन ब्लॉक पर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की बढ़ी संख्या में की तैनाती
  • पीयू प्रशासन ने फीस जमा करने की तिथि को 31 अगस्त तक बढ़ाई
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विरोध प्रदर्शन करते विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फीस के मुद्दे पर पीयू में पूर्व स्टूडेंट काउंसिल ने विभिन्न स्टूडेंट यूनियन के साथ प्रदर्शन कर विद्यार्थियों की डिग्रियों की बोली लगाई। इस दौरान छात्रों ने एडमिन ब्लॉक के बाहर ‘पीयू लूट पात्र’ बनाया। विद्यार्थियों ने सिंबोलिक तरीके से बीटेक-एमटेक, एमबीए, एमएससी आदि की डिग्रियों की बोलियां लगाई।
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प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी पढ़ाई करवाने की बजाय महंगे भावों में डिग्रियां बेच रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इस दौरान पीयू में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी।

उधर, पीयू प्रशासन ने फीस जमा करने की तिथि को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है। साथ ही आश्वासन दिया है कि इस दौरान बीच में बैठक आयोजित की जाएगी और इसमें महामारी से पीड़ित परिवारों का ध्यान रखा जाएगा।
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पीयू के लोगो के साथ बनाई डिग्री का रिक्शे पर किया प्रदर्शित
पीयू में छात्र संगठन पीएसयू (ललकार), एएसए, एसएफएस, पीयूसीएससी, पीयूएसयू, एसएएसएच, एनएसयूआई, सोई, इनसो, सोपू, एएफएसएस, एसएफआई, वाई 4 एस, सीवाईएसएस और एआईएसए के प्रतिनिधियों ने एडमिन ब्लॉक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

छात्रों ने एक रिक्शा पर पीयू के लोगो के साथ बनाई गई डिग्रियों को प्रदर्शित किया था। इसमें ये दिखाया कि पीयू छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के बजाय फीस एकत्र करने और डिग्री बेचने के बारे में ज्यादा चिंतित है। ऑनलाइन क्लास का नाम लेकर पीयू इस महामारी के दौर में में फीसें बढ़ाकर वसूल करने में लगा है।

विद्यार्थियों के आरोप

विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पिछले सेमेस्टर की पूरी फीस दी थी, लेकिन मार्च के बाद कोई क्लास नहीं लगाई गई। उस समय को पीयू को पूरी फीस मिली हुई थी, इसीलिए ये ऑनलाइन क्लास का दिखावा किया गया। बिना एग्जाम के एग्जामिनेशन फीस से लेकर सभी चार्जेज विद्यार्थियों से वसूले गए।  

छात्र फीस नहीं जमा करने की मांग पर अड़े
विद्यार्थियों ने कहा कि पीयू विद्यार्थियों की मेहनत से इतनी आगे पहुंची है। पीयू में हर वर्ग के विद्यार्थी पढ़ते हैं। ऐसे में पीयू का फीस बढ़ाने का मतलब है कि वह मिडल क्लास परिवार के विद्यार्थियों को अनदेखा कर रही है।

इस महामारी के समय में भी बढ़े हुए शिक्षण शुल्क के अलावा  पाठ्यक्रम शुल्क में विभिन्न शुल्क जैसे कि पानी और बिजली, कैंपस खेल शुल्क, एनएसएस, पुस्तकालय सुरक्षा, पहचान पत्र, समूह बीमा, युवा कल्याण, गृह परीक्षा, विकास शुल्क, सफाई शुल्क, सभागार शुल्क आदि जोड़कर लिए जा रहे हैं।  
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31 अगस्त तक सेमेस्टर की फीस जमा करने की तारीख

स्टूडेंट काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष चेतन चौधरी ने बताया कि डीएसडब्ल्यू ने विद्यार्थियों से की मुलाकात प्रदर्शन के दौरान हॉस्टल वार्डन के अलावा डीएसडब्ल्यू मैन और वुमन दोनों ने आकर विद्यार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त तक सेमेस्टर की फीस जमा करने की तारीख बढ़ा दी गई है। सेमेस्टर की फीस के बारे में निर्णय लेने के लिए 10-12 दिनों के भीतर एक बैठक आयोजित की जाएगी। जब तक पीयू प्रशासन सेमेस्टर की फीस पूरी तरह से माफ नहीं कर देती, तब तक छात्र संगठनों का विरोध जारी रहेगा।

बैठक में महामारी से प्रभावित परिवारों को रखा जाएगा ध्यान
सेमेस्टर फीस जमा करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। 11 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक पीयू शिक्षक पिछले सेमेस्टर के अगर विद्यार्थियों को कोई डाउट है तो वह हल करेंगे। वहीं पीयू जो परिवार महामारी के दौरान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं उनके लिए पॉलिसी बनाएगी।
- प्रो. आरके सिंगला, डीयूआई पीयू
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