सभी निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों के लिए राहत की खबर है कि अब स्कूल अपने-अपने स्तर पर फीस बढ़ोतरी नहीं करेंगे। स्कूल एक लिमिट (अपर कैब) तक ही फीस बढ़ा सकेंगे। यदि कोई स्कूल इस मानदंड को नहीं मानेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सीबीएसई के एफिलिएशन बायलॉज में अभिभावकों को दो प्रकार से फीस बढ़ोतरी का विकल्प मिलेगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुताबिक, देशभर के निजी स्कूलों के अभिभावकों की फीस बढ़ोतरी की शिकायतों के बाद सीबीएसई एफिलिएशन बायलॉज बना रहा है। कमेटी ने सिफारिश की है कि स्कूलों को फीस बढ़ाने को लेकर एक लिमिट तय होनी चाहिए। फिलहाल कोई 10-15 तो कोई 25 फीसदी तक फीस बढ़ाते हैं। हालांकि नए नियम के बाद करीब दस फीसदी तक फीस बढ़ाने पर सहमति बन सकती है।
इसके अलावा जो स्कूल जैसी सुविधा देगा, उतनी ही फीस बढ़ेगी। फीस के लिए बेसिक और प्रीमियम वर्ग बनाए जाएंगे। जो अभिभावक सामान्य पढ़ाई चाहते होंगे, उन्हें बेसिक वर्ग के तहत फीस देनी होगी। जबकि जो बच्चे पढ़ाई के अलावा स्पेशल एक्टिविटी चाहेंगे, उन्हें उसी के तहत फीस देनी होगी।