प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब यूनिवर्सिटी के 66वें दीक्षांत समारोह का निमंत्रण ठुकरा दिया है। इसके पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है। चर्चा है कि आर्थिक संकट के विवाद के चलते पीएमओ ने यूनिवर्सिटी के आग्रह को नामंजूर कर दिया है। अब चांसलर डॉ. हामिद अंसारी बतौर मुख्य अतिथि दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।
रविवार को सीनेट की विशेष बैठक के दौरान एक सीनेटर ने पूछा कि क्या यह सही सूचना है कि दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शामिल होने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि क्या यह सही है कि पीयू के आर्थिक संकट विवाद से बचने के लिए पीएमओ ने यूनिवर्सिटी का आग्रह ठुकराया है। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी का आर्थिक संकट केंद्र सरकार तक पहुंच चुका है।
उधर एक महिला प्रोफेसर द्वारा वीसी पर यौन उत्पीड़न का मामला भी आजकल विवादों में चल रहा है। इसके बाद वीसी ने बताया कि दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री को बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के संबंध में पत्र भेजा गया था। पीएमओ से जवाब आ गया है कि पीएम समारोह में शामिल नहीं होंगे।
पीयू दीक्षांत समारोह की बदल सकती है तारीख
Punjab University Professor Arun Kumar Grover
25 मार्च 2017 को निर्धारित 66वें दीक्षांत समारोह की तिथि में बदलाव हो सकता है। प्रशासन ने इस संबंध में पीयू चांसलर को पत्र भेजा है। जानकारी अनुसार पीयू दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति और चांसलर डॉ.हामिद अंसारी मुख्य अतिथि होंगे।
इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और पीयू के एल्युमनी जगदीश सिंह खेहर को मानद उपाधि से नवाजा जाना है। लेकिन चीफ जस्टिस 25 मार्च को ही दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने के कारण दीक्षांत समारोह में शिरकत नहीं आ सकेंगे।
ऐसे में पीयू ने चांसलर दफ्तर से दीक्षांत समारोह की तिथि एक-दो दिन आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने कहा कि तिथि बढ़ाने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि दीक्षांत समारोह में पीयू प्रशासन डॉ.एनएस कंपानी, प्रो.मुरली मनोहर जोशी, प्रोफेसर जीएस कुश, डॉ.नुरूदीन फराह को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा जाएगा।
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी
पंजाब यूनिवर्सिटी आगामी 9 से 11 मार्च तक 11वीं चंडीगढ़ साइंस कांग्रेस का आयोजन करेगा। 6वीं चंडीगढ़ सोशल साइंस कांग्रेस 21 और 22 मार्च को आयोजित होगी। पीयू कुलपति के अनुसार नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी भी इस मौके पर बच्चों से रूबरू होंगे।