पीयू समेत 192 कॉलेजों की स्नातक व परास्नातक कक्षाओं में लगभग 2.50 लाख विद्यार्थी शिक्षा पाते हैं। विद्यार्थियों की इस संख्या में दस व 25 फीसदी सीटें बढ़ाए जाने का आंकड़ा निकाला जाए तो लगभग 62000 सीटें शिक्षा के लिए बढ़ेंगी। कॉलेजों में सर्वाधिक सीटें बढ़ेंगी। इसका मुख्य कारण है कि अधिकांश कॉलेज गांव व कस्बों में होते हैं। वहां गरीब विद्यार्थी पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। इस आरक्षण के चलते उनको कॉलेजों में शिक्षा का लाभ मिल जाएगा।
1200 शिक्षक व 950 से अधिक कर्मियों की करनी होगी भर्तियां
जिस तरह विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है उसी तरह केंद्र सरकार नए शिक्षक व कर्मचारियों की तैनाती करेगी। इस संख्या के मुताबिक पीयू में 200 से अधिक शिक्षक व 350 से अधिक कर्मचारियों की भर्तियां होंगी। इसी तरह 192 कॉलेजों में लगभग एक हजार शिक्षक व 600 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी जो सरकार को तैनात करने की मंजूरी देनी होगी।
सीटें बढ़ेंगी तो पीयू के दो दर्जन से अधिक विभागों के पास विद्यार्थियों के बैठाने का संकट खड़ा होगा। क्लासरूम में बैठने की सीटें सीमित हैं। इसके अलावा फर्नीचर आदि की व्यवस्था करनी होगी। इसी तरह 192 कॉलेजों को भी व्यवस्था करना आसान नहीं होगा। माना जा रहा है कि इस शैक्षिक सत्र से यह लाभ विद्यार्थियों को दिया जाना है।
विद्यार्थियों को भी मिलेगा लाभ
गरीबों को दस फीसदी आरक्षण देने का बिल पास होने के बाद शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इसलिए सीटें बढ़ेंगी। उसकी तैयारी चल रही है। इससे तमाम विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय तक पढ़ाई करने का उनका सपना साकार हो सकेगा। -प्रो. राजकुमार, वाइस चांसलर पीयू
अभी योजना पर चल रहा काम
पीयू में दस व कॉलेजों में 25 फीसदी सीटें बढ़ाए जाने की योजना चल रही है। कुछ बिंदु स्पष्ट नहीं हैं उसके लिए यूजीसी व एमएचआरडी से पूछा जा रहा है। वहां से स्थिति स्पष्ट होने के बाद नियम लागू किए जाएंगे। -प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई