चंडीगढ़ के स्कूलों में पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को भाषा और गणित के अलावा अतिरिक्त विषय पढ़ाए जा रहे हैं। इससे आक्रोशित सेक्टर-44 स्थित सेट जोसेफ स्कूल के खिलाफ स्कूल में पढ़ने वाले परिजनों ने शिक्षा विभाग को शिकायत दी है। परिजनों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों शिक्षा सचिव, स्कूल निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी सहित चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) और सीबीएसई रिजनल ऑफिस पंचकूला को शिकायत दी है।
चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं कि छोटी कक्षाओं को अतिरिक्त विषय पढ़ाए जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, सीबीएसई और सीसीपीसीआर को शिकायत पत्र सौंपा है। लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से अभी तक शिकायत-पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया है और इस संबंधी में न तो कोई कार्रवाई ही की गई है।
शिकायत-पत्र परिजनों ने जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 13 सितंबर, 2018 को जारी किए गए पत्र के अलावा मद्रास और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों को आधार बनाया है। शिकायत में बताया गया है कि स्कूल प्रबंधन पहली और दूसरी कक्षा में दो से ज्यादा विषय पढ़ा रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
पहली और दूसरी कक्षा को होमवर्क देने पर मनाही
13 सितंबर 2018 को जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस से जारी पत्र में उल्लेख किया गया था कि पहली और दूसरी कक्षा के स्टूडेंट्स को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। लेकिन सेंट जोसेफ स्कूल विभाग के नियमों की अनदेखी करने में लगा है। इसके अलावा इन कक्षाओं में भाषा और गणित के अलावा दूसरे विषय भी विद्यार्थियों को पढ़ाए जा रहे हैं।
स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तक अनिवार्य
सीबीएसई की ओर से 12 अप्रैल 2016, 19 अप्रैल 2017 और 09 अगस्त 2017 को एक सकुर्लर जारी किया गया था। इस सकुर्लर के अनुसार सभी स्कूलों में जो सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं, वहां एनसीईआरटी पुस्तकों से पढ़ाना अनिवार्य किया है। लेकिन पेरेंट्स एसोसिएशन की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि सेंट जोसेफ स्कूल में कक्षा तीसरी से पांचवी तक नॉन एनसीईआरटी पुस्तकों से पढ़ाया जा रहा है।
तीन फरवरी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी दिया आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी किए गए पत्र को वर्ष 2018 में एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल की ओर से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिसे हाल ही में उच्च न्यायालय ने तीन फरवरी, 2020 में खारिज कर दिया था और डीईओ के आदेश को बरकरार रखा। इसके बावजूद प्राइवेट स्कूल प्रबंधन छोटी कक्षा के विद्यार्थियों को अतिरिक्त विषय पढ़ाने में लगे हैं।
इस विषय में मुझे कोई शिकायत नहीं मिली है। मैं चैक करवा लेती हूं, अगर ऐसी कोई शिकायत आई हुई है तो स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा जाएगा।
- अल्का मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी