फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन की लापरवाही, फीस पॉलिसी लागू करने में हो रही देरी

Wed, 01 Feb 2017 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
चंडीगढ़ प्रशासन - फोटो : DEMO Pics
विज्ञापन
शहर के 75 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस पर आगामी सत्र में नकेल कस पाना मुमकिन नहीं लग रहा। प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल पर दाखिले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लेकिन अभी तक यूटी प्रशासन की नई फीस पॉलिसी पर कोई फैसला नहीं हुआ है। फैसला तो दूर अभी तक मामले में एडवाइजर परिमल राय के साथ होने वाली मीटिंग भी तय नहीं हो पाई है। 
विज्ञापन


30 जनवरी को यूटी के शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह की पंजाब कैडर में वापसी हो गई है। प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ फीस पॉलिसी के पूरे मामले को सर्वजीत सिंह की देखरेख में आगे बढ़ाया जा रहा था। लेकिन शिक्षा सचिव की ट्रांसफर होने से फिलहाल मामले की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई है। 27 जनवरी को पंजाब सरकार की ओर से नोटिफाई फीस पॉलिसी को ही चंडीगढ़ में लागू करने के लिए एडवाइजर के साथ मीटिंग तय की गई थी। लेकिन मामले में मीटिंग अचानक स्थगित कर दी गई। 

10 जनवरी तक जमा करनी होगी फीस
शहर के सभी प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में शिक्षा विभाग के कॉमन एडमिशन शेड्यूल के तहत दाखिले की प्रक्रिया जारी है। लकी ड्रा के बाद स्कूलों ने सफल कैंडीडेट्स की लिस्ट भी जारी कर फीस भरने का शेड्यूल जारी कर दिया है। कॉमन एडमिशन शेड्यूल केे तहत अभिभावकों को 10 फरवरी तक फीस जमा करनी होगी। लेकिन अभी तक प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

10 फीसदी बढ़ोतरी को नहीं मानते प्राइवेट स्कूल  

चंडीगढ़ ओपन हैंड - फोटो : file photo
10 फीसदी बढ़ोतरी को नहीं मानते प्राइवेट स्कूल  
शिक्षा विभाग की ओर से दो साल पहले सभी प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों को हर साल अधिकतम 10 फीसदी तक फीस बढ़ोतरी की इजाजत दी थी। लेकिन अधिकतर स्कूल इन आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। कुछ रोज पहले ही सेक्टर-38 स्थित विवेक हाई स्कूल ने फीस में डेढ़ गुणा तक इजाफा करने के निर्देश जारी कर दिए। अन्य स्कूल भी जल्द फीस जमा करने का निर्देश जारी करने वाले हैं।  

नई फीस पॉलिसी का प्रपोजल शिक्षा सचिव के पास भेजा जा चुका है। इस मामले में एडवाइजर के साथ मीटिंग होनी है। प्रशासक से अनुमति के बाद पॉलिसी को एमएचए को अप्रुवल के लिए भेजा जाएगा। फीस पॉलिसी को नियमों के तहत ही लागू किया जाएगा। 
रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटूी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें