शहर के 75 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस पर आगामी सत्र में नकेल कस पाना मुमकिन नहीं लग रहा। प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल पर दाखिले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लेकिन अभी तक यूटी प्रशासन की नई फीस पॉलिसी पर कोई फैसला नहीं हुआ है। फैसला तो दूर अभी तक मामले में एडवाइजर परिमल राय के साथ होने वाली मीटिंग भी तय नहीं हो पाई है।
30 जनवरी को यूटी के शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह की पंजाब कैडर में वापसी हो गई है। प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ फीस पॉलिसी के पूरे मामले को सर्वजीत सिंह की देखरेख में आगे बढ़ाया जा रहा था। लेकिन शिक्षा सचिव की ट्रांसफर होने से फिलहाल मामले की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई है। 27 जनवरी को पंजाब सरकार की ओर से नोटिफाई फीस पॉलिसी को ही चंडीगढ़ में लागू करने के लिए एडवाइजर के साथ मीटिंग तय की गई थी। लेकिन मामले में मीटिंग अचानक स्थगित कर दी गई।
10 जनवरी तक जमा करनी होगी फीस
शहर के सभी प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में शिक्षा विभाग के कॉमन एडमिशन शेड्यूल के तहत दाखिले की प्रक्रिया जारी है। लकी ड्रा के बाद स्कूलों ने सफल कैंडीडेट्स की लिस्ट भी जारी कर फीस भरने का शेड्यूल जारी कर दिया है। कॉमन एडमिशन शेड्यूल केे तहत अभिभावकों को 10 फरवरी तक फीस जमा करनी होगी। लेकिन अभी तक प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।