लाखों स्टूडेंट्स के लिए बड़े फायदे की खबर। हरियाणा में पीजी कोर्सों करने के लिए सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम लागू हो चुका है। पीजी कोर्सों में सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमीशन के फैसले से पिछले साल कदम पीछे खींच चुकी सरकार ने इस साल पूरी तैयारी से इसे लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि यह फैसला विश्वविद्यालय कैंपस में दाखिला लेने वालों पर ही लागू होगा, उससे बाहर दाखिला लेने वालों पर नहीं।
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प्रवेश परीक्षा का जिम्मा केवल एमडीयू और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को दिया गया है। एमडीयू के माध्यम से जहां साइंस स्ट्रीम के विषयों की प्रवेश परीक्षा होगी, वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को आर्ट्स विषयों का जिम्मा सौंपा गया है। अप्रैल में शुरू होने वाली एडमिशन प्रक्रिया को लेकर एमडीयू में अलग से पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है। सरकार ने पिछले सत्र में यूनिवर्सिटी टीजिंग डिपार्टमेंट के लिए पीजी कोर्सों में सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमीशन की तैयारी की थी।
यूनिवर्सिटी को इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया गया था, लेकिन एडमीशन से कुछ दिन पहले ही यह आदेश वापस ले लिए गया था और पहले की भांति सामान्य तरीके से ही एडमीशन को हरी झंडी दी गई थी। अब एक बार फिर से यूनिवर्सिटी को आदेश जारी किए गए हैं कि अप्रैल में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से इसी सिस्टम के तहत पीजी कोर्सों में दाखिले किए जाएं। इसके लिए एमडीयू और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को जिम्मेदारी दी गई है। दोनों यूनिवर्सिटी को कोर्स आवंटित कर दिए गए हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को यह सिस्टम फॉलो नहीं करना होगा।
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किस यूनिवर्सिटी को कौन से कोर्स मिले
एडमिशन
एमडीयू को दिये ये कोर्स
इस सिस्टम के तहत एमडीयू में मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, फार्मेसी, जूलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, बायो टेक्नोलॉजी, बॉटनी, इनवायरमेंटल साइंस, माइक्रो बायोलॉजी, इनवायरमेंटल बायो टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर बायो टेक्नोलॉजी, माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी, बायो इनफॉर्मेटिक्स और फॉरंसिक साइंस आदि कई कोर्स दिए गए हैं।
केयू को मिले कोर्स
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को एमकॉम, एमए इकोनॉमिक्स, एमबीए दो वर्षीय, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एमए और एमएससी मास कम्युनिकेशन, एलएलएम, एमए पॉलिटिकल साइंस, एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, एमए इंग्लिश, एम हिंदी, एमए हिस्ट्री, एमए ज्योग्राफी, एमपीएड और एमए साइकोलॉजी आदि कई कोर्सों में प्रवेश के लिए आवेदन लेने का अधिकार दिया गया है।
सेंट्रलाइज सिस्टम को शुरू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य प्रवेश में पारदर्शिता लाना है। यदि कोई विद्यार्थी फिजिक्स में प्रवेश लेना चाहता है तो सीट कम होने के चक्कर में उसे अलग-अलग यूनिवर्सिटी से प्रॉस्पेक्टस खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विद्यार्थी केवल उसी यूनिवर्सिटी से प्रॉस्पेक्टस लेगा जिसे वह कोर्स आवंटित है।
वही, यूनिवर्सिटी उसका एंट्रेंस एग्जाम लेगी, जिसके बाद विद्यार्थी को उसकी पसंदीदा यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी से ऑनलाइन आवेदन करते समय च्वाइस के रूप में विश्वविद्यालय के नाम मांगे जाएंगे। यदि पहली पसंद के विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिला तो दूसरी च्वाइस के आधार पर विद्यार्थी को यूनिवर्सिटी आवंटित कर दी जाएगी।
विद्यार्थियों के लिए होगा फायदेमंद
नए सत्र से पीजी कोर्सों में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट के लिए सेंट्रलाइज सिस्टम के तहत प्रवेश होंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से मंजूरी मिल गई है। यह विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद होगा और उन्हें इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
- डॉ. गुलशन तनेजा, कोआर्डिनेटर सेंट्रल आनलाइन एडमीशन कोआर्डिनेशन कमेटी एमडीयू