क्या लड़कियां घर का वारिस नहीं बन सकती? क्या उन्हें उड़ने और सपने देखने का अधिकार नहीं है? क्या औरत पर ही सभी पाबंधियां लागू होती हैं? कुछ ऐसे ही आम लेकिन अर्थपूर्ण प्रशन एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वीमेन के अडियोटोरियम में नाटक वारिस के जरिए कलाकारों ने वहां मौजूद ऑडियंस से किऐ। जहां पंजाब यूनिवर्सिटी जोनल यूथ एंड हैरिटेज फेस्टिवल के तीसरे दिन के तहत नाटक, मिमिक्री और माइम की प्रतियोगिताएं हो रही थी।
नाटकों में जहां इंसान को खुद पर विश्वास रखने का संदेश दिया गया वहीं रोम साम्राज्य के खिलाफ दास विद्रोह करने वाले दासों के नेता स्पार्टाकस की जिंदगी पर आधारित नाटक स्पार्टाकस खेला गया। स्किट में सोशल मीडिया, अंगदान और स्किल इंडिया जैसी थीमों पर प्रतिभागियों ने दर्शकों को खूब हंसाया और किताबी पढ़ाई के साथ-साथ जिंदगी को भी पढ़ने का संदेश दिया। मिमिक्री में प्रतिभागियों ने पक्ष्यिों और जानवरों से लेकर पंजाबी व हिंदी गायकों और अभिनेता और अभिनेत्रियों की आवाजें निकाली। डिबेट में प्रतिभागियों को शैक्षिक संस्थानों में चुनाव विषय दिया गया।