यूजीसी के आदेश पर पंजाब यूनिवर्सिटी में जंक फूड पर एक अक्तूबर से बैन लगा दिया गया है। इसका पालन यदि किसी कैंटीन और हॉस्टल मेस में नहीं हुआ तो जुर्माना भी किया जा सकता है। यूजीसी की गाइड लाइन के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय के रिसर्च में पाया गया है कि जंक फूड शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इनसे मोटापा ही नहीं बढ़ रहा बल्कि रोग भी पनप रहे हैं। केवल स्वाद के चलते स्टूडेंट्स इसे पसंद कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस में इनकी सर्वाधिक बिक्री हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए पूरे देश की यूनिवर्सिटी में यह आदेश लागू किया गया है। इसके साथ पंजाब विश्वविद्यालय में भी यह आदेश एक अक्तूबर से लागू हो गया है।
आदेश में कहा गया है कि हॉस्टल मेस संचालक, विभागों में बनी कैंटीन कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, बर्गर, कुरकुरे, हॉट डॉग्स, पिज्जा की बिक्री न करें। इसके अलावा व्हाइट ब्रेड पर भी रोक लगाई गई है। इस ब्रेड का प्रयोग सैंडविच आदि के लिए किया जाता है। इससे भी बॉडी को नुकसान पहुंच रहा है।
पीयू की कैंटीन और हॉस्टल मेस में जंक फूड बैन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यूजीसी के आदेश का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा।
- प्रो. इमैनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू (डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर)