जेएनयू छात्र संघ प्रधान एन साई बालाजी
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) दिल्ली के छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा कि फासीवाद पूरी तरह जन्म ले चुका है। मोदी का सच भी सामने आ गया है। छात्रों पर हमले हो रहे हैं। इंस्टीट्यूट खत्म किए जा रहे हैं। स्कॉलरशिप कम हो रही है। छात्राओं पर शाम के समय निकलने की बंदिशें लगाई जा रही हैं। इन सबसे मुकाबला करने के लिए देशभर के छात्र संगठन एक मंच पर आएंगे। चाहे झंडे उनके लाल हों या फिर हरे। सभी मिलकर सतरंगी होंगे, लेकिन इसमें भगवा शामिल नहीं होगा। क्योंकि भगवा वाले खुद ही तिरंगे (राष्ट्रध्वज) का रंग बदलना चाह रहे हैं।
सभी संगठन मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। शनिवार को किसान भवन में आइसा, एसएफआई की ओर से लेक्चर आयोजित किया गया। इसका विषय फासिस्ट अटैक ऑन इंस्ट्रीट्यूशन्स एंड दि जेएनयू मॉडल ऑफ रेजिस्टेंस रहा। बालाजी ने कहा कि राफेल डील, नोटबंदी, जीएसटी के जरिये केंद्र सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक की। सेना के पराक्रम को राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो करोड़ युवाओं को केंद्र सरकार रोजगार देने का वादा कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। 24 लाख पद खाली पड़े हैं, लेकिन उन पर भर्तियां नहीं की जा रही हैं। लगातार देश में बेरोजगारी बढ़ रही है।
दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने जेएनयू चुनाव के दौरान हमले की निंदा करते हुए कहा कि वहां एबीवीपी ने बवाल किया, लेकिन उसका मुंह तोड़ जवाब अहिंसा के जरिए दिया गया। बालाजी ने कहा कि जीओ यूनिवर्सिटी आ रही है। इसके लिए अंबानी बंधुओं को एक हजार करोड़ से अधिक रुपये दिया जा रहा है। बदले में स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप घटाई जा रही है। मणिपुर, बीएचयू के छात्रों पर हमले करवाए जा रहे हैं। इसका जवाब देने के लिए बड़ी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी अपना कार्य ठीक से नहीं कर रहे हैं। वह खुद विदेश मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह हिटलरशाही पर उतारू है।
उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर भी निशाना साधा। रोहित वेमुला और पटना विश्वविद्यालय के प्रो. संजय कुमार का उदाहरण देते कहा कि यह सरकार गरीबों की नहीं है। छात्रों को देशद्रोह के नाम पर कुचला जा रहा है। हिंदुस्तान को लिचिंस्तान बनाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चार जजों का भी उदाहरण दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नफरत फैला रही है। नया दुश्मन बांग्लादेश को बना दिया। पाकिस्तान का मसला हल नहीं कर पाए, जबकि बातचीत के जरिये कश्मीर मसला हल हो सकता है। उन्होंने विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा है कि 2019 के चुनाव में सरकार को इसका जवाब दिया जाएगा।