पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की अपनी प्रॉपर्टी के जरिये अधिक मुनाफा लेने की योजना तो बनाता है, लेकिन वह कागजों तक ही सीमित हैं। यही कारण है कि चार माह से इंडिया कॉफी हाउस बंद पड़ा है, लेकिन उसका टेंडर नहीं किया गया जबकि 19 अक्तूबर को पीयू में कई दुकानों का ऑक्शन हुआ। कई शिक्षक व विद्यार्थियों का कहना है कि उसी दिन टेंडर आमंत्रित किए जाने चाहिए थे।
अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी तो विज्ञापन आदि पर अलग से पैसे खर्च होंगे। इंडिया कॉफी हाउस वर्षों से स्टूडेंट सेंटर में चला आ रहा था, लेकिन संचालक ने यह कहकर उसे छोड़ दिया कि उसका किराया दे पाना संभव नहीं हो पा रहा। वहीं पीयू प्रशासन को भी उस जगह का अधिक किराया लेना था। आखिर में कॉफी हाउस खाली हो गया।
उसके बाद कमेटियों पर कमेटियां बनाई गई ताकि कॉफी हाउस का संचालन हो, लेकिन अब तक इस पर कार्रवाई नहीं हो पाई। इससे विद्यार्थियों में भी आक्रोश है। वह इसके संचालन की मांग को लेकर कभी भी प्रोटेस्ट कर सकते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की निगाह में यह पूरा प्रकरण है लेकिन वह आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।