पंजाब यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में लगी आग
पंजाब यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में बीते रविवार को लगी आग की जांच के लिए मंगलवार को तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। पंजाब - हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस जेएस नारंग की अगुवाई में बनी कमेटी में सीएफएसएल के पूर्व निदेशक डॉ. आरएस वर्मा और पीयू केमिकल इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह भी शामिल हैं। कमेटी की मदद के लिए तीन तकनीकी विशेषज्ञ, पूर्व चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर, सिविल इंजीनियरिंग एक्सपर्ट योगेश गुप्ता और पंजाब के पूर्व चीफ इंजीनियर एएस गुलाटी नियुक्त किए गए हैं। इनके अलावा पीयू फोरेंसिक साइंस विभाग के फैकल्टी मेंबर डॉ. विशाल शर्मा और डॉ. श्वेता कमेटी की मदद के लिए नियुक्त किया गया है।
वहीं, आईआईटी रुड़की ने भी जांच के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एक्सपर्ट उमेश शर्मा अपनी टीम के साथ 19 मई से पीयू में काम शुरू करेंगे। इसके लिए आग से प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया गया है ताकि साक्ष्यों से किसी प्रकार का छेड़छाड़ न हो सके। पीयू की तरफ से बनी कमेटी के अलावा रुड़की की टीम अलग-अलग जांच करेगी। सभी कमेटियां अपने-अपने एंगल से जांच करेंगी।
गौरतलब है कि आग लगने के मामले में पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पीयू के वीसी अरुण कुमार ग्रोवर को तलब किया था लेकिन मंगलवार को भी वीसी और गवर्नर की मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि वीसी ने गवर्नर हाउस के अधिकारियों को प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंप दी थी।