हरियाणा की सभी यूनिवर्सिटी अब अपना एग्जाम शेड्यूल शॉर्ट करेंगी तो परीक्षा परिणाम भी बहुत कम समय में घोषित किया जाएगा। यूनिवर्सिटियां अभी तक जहां 35 दिन में एग्जाम कराती हैं और उसके बाद परीक्षा परिणाम घोषित करने में 50 दिन का समय लग जाता है। उससे विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए कम दिन मिलते हैं इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं परीक्षा परिणाम कई बार तब घोषित किया जाता है, जब अगला सेमेस्टर आधा निकल जाता है।
इसी कारण एग्जाम केवल 21 दिन के अंदर कराने के साथ ही परीक्षा परिणाम 30 दिन में घोषित करने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर हायर व टेक्निकल एजुकेशन की मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के वीसी व परीक्षा नियंत्रकों के साथ मीटिंग करके एग्जाम व परीक्षा परिणाम का शेड्यूल शॉर्ट करने का प्लान बनाया गया।
प्रदेश में अभी तक केवल दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल ऐसी है, जहां का एग्जाम कराने से लेकर परीक्षा परिणाम घोषित करने का शेड्यूल सबसे ज्यादा शॉर्ट है। मुरथल यूनिवर्सिटी में एग्जाम जहां केवल 21 दिन में करा दिए जाते हैं, वहीं परीक्षा परिणाम 30 दिन के अंदर घोषित कर दिया जाता है। इसके अलावा फाइनल ईयर का परीक्षा परिणाम केवल 15 दिन में घोषित किया जाता है।
जबकि अन्य यूनिवर्सिटी में एग्जाम 35 दिन में कराए जाते हैं और उनका परिणाम घोषित करने में 50 दिन का समय लग जाता है। इससे यूनिवर्सिटी व उसके कॉलेजों में पढ़ाई के दिन कम होने से उसपर असर पड़ता है। इसको देखते हुए ही उच्चतर शिक्षा विभाग की मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने मुरथल यूनिवर्सिटी का एग्जाम सिस्टम देखने के बाद ऐसा ही अन्य यूनिवर्सिटी में लागू कराने के लिए कहा है। इसे नए शैक्षणिक सत्र से लागू करने की बात कही गई है।
कोर्स में होगा बदलाव, प्लेसमेंट बढ़ाने पर रहेगा जोर
यूनिवर्सिटियों का पिछले काफी समय से एक ही कोर्स चल रहा है, जिसमें समय के साथ बदलाव नहीं किया गया है। इसका असर प्लेसमेंट पर भी पड़ रहा है। इसको देखते हुए यूनिवर्सिटी के कोर्स में समय के अनुसार कुछ बदलाव करने के लिए कहा गया है, जिससे मौजूदा समय में बड़ी कंपनियों की जरूरत के अनुसार पढ़ाई हो सके। उसका सबसे बड़ा फायदा विद्यार्थियों को प्लेसमेंट में मिलेगा। यह भी नए सत्र से किया जा सकता है, जिसके लिए फिर से मीटिंग करके फाइनल टच दिया जाएगा।
यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक कैलेंडर समान होगा
मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने यह भी कहा है कि प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक कैलेंडर समान होना चाहिए। क्योंकि अभी तक किसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पहले शुरू हो जाती है तो किसी में बाद में शुरू होती है। इस तरह ही किसी यूनिवर्सिटी में एग्जाम पहले शुरू होते है तो किसी में बाद में शुरू होते है। यह सब कुछ सभी यूनिवर्सिटी में एक साथ कराने के लिए ही शैक्षणिक कैलेंडर एक जैसा बनाया जाएगा।
किसी भी यूनिवर्सिटी के एग्जाम ज्यादा दिन में खत्म होंगे और परीक्षा परिणाम ज्यादा समय में घोषित किया जाएगा तो उसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। इससे यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दिन कम हो जाते हैं। इस कारण ही एग्जाम कराने से लेकर परीक्षा परिणाम घोषित करने का समय कम करने के लिए ही मीटिंग रखी गई थी। इसके अलावा शैक्षणिक कैलेंडर भी एक जैसा बनाने की बात कही गई है। इसका विद्यार्थियों के लिए बड़ा फायदा हो सकता है।
- डॉ. एमएस धनखड़, परीक्षा नियंत्रक मुरथल यूनिवर्सिटी