सरकारी कॉलेजों के संसाधनों का प्रयोग अब विद्यार्थी आपस में कर सकेंगे। इससे उनके ज्ञान का विस्तार होगा। साथ ही उनकी पढ़ाई के भी रास्ते खुलेंगे। इसके लिए यूजीसी एक मंच बनाने जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफार्म का भी प्रयोग होगा। फिलहाल कॉलेज यूजीसी को अपने संसाधनों का ब्योरा देंगे। माना जा रहा है कि इसी शैक्षिक सत्र में यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
सरकारी कॉलेजों में छात्र संख्या अधिक होती है और संसाधन सीमित होते हैं। चाहे वह साइंस की प्रयोगशालाएं हों या फिर लाइब्रेरी आदि। खेल मैदान, कोच, ऑडिटोरियम आदि भी हर कॉलेज में नहीं होते। इस वजह से विद्यार्थियों का समुचित विकास नहीं हो पाता है। सूत्रों का कहना है कि इसी को ध्यान में रखते हुए यूजीसी इन कॉलेजों के संसाधनों को एक मंच के जरिये जोड़ने जा रहा है।
माना जा रहा है कि एक शहर के सभी कॉलेजों को जोड़ दिया जाएगा तो विद्यार्थियों के लिए काफी आसानी होगी। उनको लक्ष्य पाने में दिक्कतें नहीं होंगी। पैसे के अभाव के कारण यह कॉलेज पूरे संसाधन नहीं जुटा पाते थे, लेकिन अब इसका लाभ मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि चंडीगढ़ में एक दर्जन से अधिक कॉलेज हैं। उनके संसाधनों का ब्योरा यूजीसी जुटाएगा।
साथ ही उनको जोड़ने के बाद निजी कॉलेजों को भी जरूरत पड़ने पर इस मंच से जोड़े जाने की योजना है।