पंजाब के अनुसूचित जाति, जनजाति व बैकवर्ड क्लास के स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी है। सरकार ने इन सभी विद्यार्थियों के स्नातक, परास्नातक कक्षाओं में एडमिशन मुफ्त कर दिए हैं। यह भी कहा है कि फीस आदि को लेकर इन विद्यार्थियों को किसी शिक्षण संस्थान ने परेशान करने की कोशिश की तो उन पर कार्रवाई भी होगी। बताया जाता है कि पंजाब के इन वर्गों के 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप पिछले चार साल से पंजाब सरकार इन विद्यार्थियों के खातों में नहीं भेज पाई।
अकेले पीयू से संबद्ध कॉलेजों में पढ़ रहे आठ हजार से अधिक विद्यार्थियों की ही स्कॉलरशिप अटकी हुई है। यह रकम लगभग 15 करोड़ है। इसी तरह अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों को इस स्कॉलरशिप का लाभ नहीं मिल पाया। ऐसे में इन विद्यार्थियों के सामने फीस जमा कराने का संकट खड़ा होगा और नए छात्रों को भी दिक्कत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने पीयू समेत 19 विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि इन विद्यार्थियों के एडमिशन आसानी से कर लिए जाएं।
जब भी इन विद्यार्थियों के खाते में सरकार स्कॉलरशिप भेजेगी, उसके 15 दिनों के अंदर यह विद्यार्थी शुल्क जमा कर देंगे। इसकी सूचना खुद सरकार भी शिक्षण संस्थानों को देगी, लेकिन इससे पहले छात्रों से किसी प्रकार के कोई शुल्क की मांग न की जाए। अगर शुल्क लिया गया और किसी ने छात्र ने शिकायत की तो जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पीयू को चिट्ठी मिल गई है। उसी के मुताबिक एससी, एसटी व बीसी के छात्रों को एडमिशन दिए जा रहे हैं। उनसे फिलहाल कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई पीयू