पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में फोर व्हीलर बैन को लेकर ऊहापोह की स्थिति बन गई है। आलम यह है कि आए दिन बैठकों का दौर जारी है। नई कमेटियां बनाई जा रही हैं, लेकिन बैन पर पूरी तरह से निर्णय नहीं लिया जा रहा है। वीरवार को फिर से कमेटी की बैठक हुई। उसमें भी पूर्व में जारी निर्णय को बदलते हुए नया फैसला ले लिया गया। अब आर्ट ब्लॉक से लॉ डिपार्टमेंट तक फोर व्हीलर बैन करने के बजाय हॉस्टलों के बाहर बैन करने का निर्णय लिया गया है। यह आदेश शुक्रवार से लागू होने जा रहा है। कमेटी द्वारा 15 फरवरी तक इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके बाद भी वाहन चालक नहीं मानेंगे तो उनके वाहनों में क्लेंप लगा दी जाएंगी।
साथ ही वाहन खड़े करने को लेकर पीयू प्रशासन सोमवार को एक और बैठक आयोजित करेगा। इसमें वाहनों के खड़े करने के लिए जगहों को चयन किया जाएगा। बैठक के बाद गेट नंबर एक पर वाहनों की चेकिंग भी हुई। डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर समेत कई पदाधिकारियों की हुई बैठक में तय हुआ कि हॉस्टल नंबर एक से परेड ग्राउंड तक व हॉस्टल नंबर चार से सात तक फोर व्हीलर नहीं खड़े किए जाएंगे। मॉनीटरिंग कमेटी पहले वाहन खड़े करने वाले विद्यार्थियों को मना करेगी। यह क्रम 15 फरवरी तक चलेगा। उसके बाद कार्रवाई होना शुरू हो जाएगी। इसके अलावा कमेटी हर हॉस्टल में पांच छात्रों की एक कमेटी भी बनाएगी जो अन्य विद्यार्थियों को फोर व्हीलर खड़ा न करने के लिए जागरूक करेगी।
पुरानी कमेटी के सुझाव दरकिनार
फोर व्हीलर बैन को लेकर प्रो. रोनकी राम की अध्यक्षता में पहले कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने हर संभावना तलाशते हुए नए सुझाव दिए थे। इसमें आर्ट ब्लॉक से लॉ डिपार्टमेंट तक फोर व्हीलर बैन करने, गेट नंबर चार खोलने, गेट नंबर तीन के बाहर ट्रैफिक लाइट लगाने, गेट नंबर चार के पास पार्किंग बनाने, हॉस्टल नंबर एक की पार्किंग का प्रयोग करने, पटियाला यूनिवर्सिटी ट्रैफिक मॉडल अपनाने आदि के सुझाव शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि इन सभी सुझावों को दरकिनार कर दिया गया। अब नए तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं। बताया जाता है कि अब कमेटी भी बदल दी गई है।
गेट नंबर-4 खोला जाए तो काफी हद तक हल होगी समस्या
पीयू का गेट नंबर चार यदि खोल दिया जाए तो काफी हद तक ट्रैफिक की समस्या हल हो सकती है। जानकारों का कहना है कि यूसोल, थ्री व फाइव ईयर लॉ विभाग व फार्मेसी के वाहन यहीं से आ जा सकेंगे। सर्वाधिक वाहन भी इन विभागों के पास बताए जाते हैं। लेकिन इस पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
पहली कमेटी के निर्णय सही थे
फोर व्हीलर बैन को लेकर पहली कमेटी ने जो निर्णय लिए थे वह सही थे। गेट नंबर- 4 को खोलने से समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं, लेकिन अथॉरिटी इसको लेकर गंभीर नहीं दिख रही है।
- कनुप्रिया, अध्यक्ष, स्टूडेंट काउंसिल
छात्रों को किया जाएगा जागरूक
हॉस्टलों के बाहर जिन जगहों पर फोर व्हीलर खड़े होते हैं वह चिन्हित किए जाएंगे। साथ ही छात्रों को भी जागरुक किया जाएगा। धीरे-धीरे फोर व्हीलर्स की संख्या पीयू में कम हो जाएगी।
- इमैनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू