पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूएसबी) के प्रोफेसर करमजीत सिंह को पीयू के कार्यवाहक रजिस्ट्रार के तौर पर नियुक्त किया गया है। वह पीयू में बिजनेस मैनेजमेंट संकाय के डीन भी हैं। वह अग्रिम आदेशों तक इस पद पर बने रहेंगे। उन्होंने रविवार की शाम कार्यभार संभाल लिया है। इस पद पर तैनात कर्नल जीएस चड्ढा (रिटायर्ड) का चार साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। वह एक अक्टूबर 2014 को यहां आए थे। 15 साल से रजिस्ट्रार पद के लिए पीयू के ही प्रोफेसर को चुना गया था, लेकिन कर्नल चड्ढा विज्ञापन के जरिए पीयू में आए थे। इसको लेकर टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ से विवाद भी उत्पन्न हुआ था।
पिछले अनुभव को देखते हुए नए वीसी राजकुमार ने बेहतर कार्य के लिए मैनेजमेंट से ही रजिस्ट्रार के नाम का चयन किया। इससे उनका तालमेल ठीक रहेगा। पिछले दिनों से रजिस्ट्रार के लिए कई लोग सिफारिश में जुटे हुए थे, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाए। कर्नल चड्ढा ने रविवार की शाम प्रोफेसर करमजीत सिंह को चार्ज दे दिया। प्रो. करमजीत सिंह को शिक्षण एवं अनुसंधान में 34 साल का अनुभव है। वह आठ साल तक पीयू के फैलो रहे हैं। इनके अलावा 2008 से 2016 तक तीन पदों केलिए सिंडिकेट में मेंबर रहे हैं। उनके नाम कई अवार्ड हैं। साथ ही कई विभागों, संस्थाओं से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। यूजीसी कमेटी में शामिल होने का लाभ उन्हें मिला। यही कारण रहा कि उनका नाम रजिस्ट्रार की लिस्ट में शामिल हो गया।
नए रजिस्ट्रार के नाम प्राइज
- बेस्ट बिजनेस एकेडमिक अवार्ड 2017
- पीसीएमए रिसर्च अवार्ड 2017
इनका भी जिम्मा
- यूजीसी एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य
- इंडियन अकाउंटिंग एसोसिएशन अध्यक्ष 2017-18
- सिख एजुकेशन सोसाइटी के लाइफ मेंबर
- ह्यूमन रिसॉर्स सेंटर के डायरेक्टर
- पंजाब को-ऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर प्रोफेशनल रहे
- 2013 में यूएमसी कमेटी के चेयरमैन रहे
- डेयरी एवं एनिमल हसबेंडरी के पूर्व डीन रहे
पीयू से निकले ये रजिस्ट्रार
- केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर परमजीत सिंह
- केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर एसएस बारी
- मैथ विभाग के प्रो. एके भंडारी
चुनौतीपूर्ण काम है, सभी के साथ की जरूरत
पंजाब यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त रजिस्ट्रार डॉ. अमरजीत सिंह कहते हैं कि यह चुनौतीपूर्ण काम है। पीयू को ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए सभी के साथ की जरूरत है। जब साथ मिलता है तो फिर लक्ष्य पाना आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि पीयू से उन्हें प्यार है। लंबे समय से वह जुड़े हैं। पीयू की समस्याएं बहुत करीब से देखी हैं और इन्हीं समस्याओं को पीयू ने हराया भी है। स्टूडेंट्स, टीचर्स, वर्कर्स के सहयोग से पीयू ने पूरी दुनिया में पहचान बनाई है। यही पहचान बरकरार रखना चुनौती भी है। इसके लिए मिलकर काम करेंगे। टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ की समस्याओं का निदान होगा। यूजीसी के आदेशों का पालन करवाया जाएगा। हॉस्टल संचालन हो या फिर कैंटीन संचालन। सभी बेहतर तरीके से चलेंगे। पीयू का नाम पूरी दुनिया में होता रहे, इसकेलिए स्टूडेंट्स को लगातार मेहनत करनी होगी।