परिजनों ने छह प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ एंट्री क्लास में एडमिशन के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगने के लिए शिक्षा विभाग को शिकायत की है। स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईडब्ल्यूएस) से एसडीएम की ओर से जारी आय प्रमाण पत्र के अलावा अन्य सैलरी के सुबूत मांगकर परेशान कर रहे हैं। सभी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित हैं। चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने बुधवार को शिक्षा विभाग को स्कूलों की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर तबके को दस्तावेजों के लिए परेशान करने के लिए शिकायत की।
शिकायत पत्र में लिखा गया है कि स्कूलों की ओर से ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए एसडीएम के जारी आय प्रमाण पत्र के अलावा अन्य दस्तावेज मांगना गलत है। एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि परिजनों की ओर से स्कूलों के खिलाफ शिकायतें आ रही है। स्कूल ईडब्ल्यूएस कैटेगरी से आय प्रमाण पत्र के अलावा चंडीगढ़ में तीन साल के निवासी होने का प्रमाण, स्कूल की तरफ से जारी शपथ पत्र इत्यादि की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर शिक्षा विभाग को शिकायत की गई है।
शिक्षा विभाग के निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि स्कूलों की तरफ से कोई नाजायज मांग है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी अल्का मेहता ने बताया कि अगर ऐसी कोई शिकायत हमारे पास आती है तो उसे हम जरूर देखेंगे। आंचल इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल मंजू सूद ने बताया कि अभी एडमिशन शुरू ही हुए हैं। हम एडमिशन के लिए जरूरी कागजात जन्म प्रमाण पत्र, आयकर प्रमाण पत्र इत्यादि की ही डिमांड कर रहे हैं। अभी तक हमने किसी भी ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के बच्चे का कागजातों के आधार पर एडमिशन रद्द नहीं किया है।