सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए अब गणित, हिंदी, अंग्रेजी, ईवीएस, साइंस और सामाजिक विज्ञान को पढ़ना इतना मुश्किल नहीं होगा, क्योंकि अब उनको हैंडबुक का सहारा मिलेगा। जी हां, ये हैंडबुक बच्चों के मूलभूत कुशलता को निखारेगी। यह हैंडबुक शुक्रवार को शिक्षा विभाग सचिव बीएल शर्मा ने लांच की। इसे प्राइमरी लेवल से ही लागू किया जाएगा। यूटी गेस्ट हाउस सेक्टर-छह में लांच समारोह का आयोजन रखा गया।
समग्र शिक्षा ने तैयार की ये किताबें
शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा की ओर से इन किताबों को लांच किया गया। पुस्तिका बनाने के दौरान यह सुनिश्चित किया गया है कि अलग-अलग स्तर पर सीखने की जरूरत, कुशल और उन्नत को ध्यान में रखा गया। साथ ही इस के जरिए छात्रों की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी भी की जाएगी। ये हैंडबुक शिक्षकों को शिक्षण सीखने की प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी।
इन हैंडबुक में से प्रत्येक छात्र की प्रगति को ट्रैक करने के लिए सीखने के परिणामों और प्रगति पत्रों की सूची शामिल है। मूल्यांकन पत्र कमजोर और औसत छात्रों की पहचान करने में मदद करेगा। शिक्षा सचिव ने इन पुस्तिकाओं की तैयारी करने वाले स्टाफ की सराहना की। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ को 2021 में पीआईएसए (अंतर्राष्ट्रीय छात्र आकलन के लिए कार्यक्रम) के लिए भारत को चुना है।
इसमें चंडीगढ़ के स्कूलों (सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी, केन्द्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय) शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के शिक्षकों की ओर से तैयार की गई इन किताबों के जरिए स्कूली छात्रों के सीखने के स्तर को बढ़ाने और पीआईएसए के लिए तैयार करने में मदद करेंगे।