आम तेरी विरासत बड़ी या हमारी जिंदगी... तू भी खड़ा मौन, हम भी ठहरे मूक। हम बधिर और फरियाद तुझे भी सुनाई ना दे। हम अपनी परेशानी तुझसे कैसे साझा करें। ऐसी ही कुछ हालत सेक्टर-19 स्थित वाटिका स्कूल की बनी हुई है। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को ना सुनाई देता है और ना ही वे बोल सकते हैं। स्कूल में पिछले एक साल से सूखे जड़ों से कमजोर आम का पेड़ बच्चों की जान के लिए जोखिम बना हुआ है। इसके लिए स्कूल 100 से ज्यादा बार पत्र और फोन कर प्रशासन और बागवानी विभाग को सचेत कर चुका है।
बागवानी विभाग पेड़ को हेरिटेज और प्रशासन के अंतर्गत बताकर पल्ला झाड़ रहा है। वहीं प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार अभी तक पेड़ हरा खड़ा है। मूक बधिर बच्चों के स्कूल वाटिका में पिछले एक साल से सूखा और जड़ों से कमजोर खड़ा आम का पेड़ बच्चों की जान के लिए आफत बना हुआ है। इस स्कूल में नर्सरी से लेकर बारहवीं तक 150 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। आम का पेड़ स्कूल के मेन गेट पर लगा हुआ है। मेन गेट के साथ ही स्कूल का आंगन है। जहां बच्चों की रोजाना कुछ ना कुछ एक्टिविटी चलती रहती है। इसके साथ ही पेड़ जहां लगा है, वो स्कूल का गार्डन है।
जहां बच्चों को व्यायाम, झूले और खेलकूद गतिविधियां करवाई जाती हैं। मेन गेट के साथ पेड़ लगा होने के कारण छुट्टी के समय बच्चों को घर छोड़ने वाले ऑटो रिक्शा भी पेड़ के नीचे खड़े होते हैं। सोमवार को छुट्टी के समय वहां खड़े ऑटो ड्राइवर ने बताया कि ये बहुत ही जोखिम भरा पेड़ है। हम बस 10 मिनट के लिए ही यहां खड़े होते हैं। क्योंकि पेड़ की हालत इतनी खस्ता है कि ये कभी भी गिर सकता है।
प्रिंसिपल नीलम बोलीं- चंडीगढ़ प्रशासन नहीं कर रहा सुनवाई
प्रिंसिपल नीलम दत्ता ने बताया कि स्कूल की तरफ से पिछले एक साल से हम 100 से ज्यादा बार पत्र और फोन कर प्रशासन से मदद मांग चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। बागवानी विभाग का कहना है कि ये पेड़ प्रशासन के अंतर्गत है, हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। प्रशासन के अधिकारियों ने जवाब दिया पेड़ हेरिटेज है, वन विभाग के आदेश के बिना हम इसको हाथ नहीं लगा सकते। जब तक वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता, प्रिंसिपल इसकी जिम्मेदारी लें।
डीईओ ऑफिस में सरकारी स्कूल के बच्चों का भी आना-जाना
वाटिका स्कूल की बिल्डिंग जिला शिक्षा अधिकारी के ऑफिस के साथ ही है। डीईओ ऑफिस जाने के लिए रास्ता स्कूल के साथ से ही होकर जाता है। ऐसे में आम का पेड़ वहां रोज आने जाने वाले सरकारी स्कूल के बच्चों और लोगों के लिए भी आफत बना हुआ है।
पंजाब चीफ सेक्रेटरी की पत्नी स्कूल की चेयरमैन
वाटिका स्कूल को पंजाब आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन की तरफ से चलाया जाता है। इसकी चेयरमैन पंजाब चीफ सेक्रेटरी की पत्नी होती है। वर्तमान में वाटिका स्कूल की चेयरमैन निमरत ढींढ है। प्रिंसिपल नीलम दत्ता आम के पेड़ को लेकर स्कूल चेयरमैन से भी बातचीत कर चुकी हैं। चेयरमैन की ओर से भी प्रशासन को जानकारी दी जा चुकी है।
स्कूल की तरफ से हमें पत्र लिखकर जानकारी दी गई हैं। चूंकि पेड़ हेरिटेज है, इसलिए वो वन विभाग के अंतर्गत आता हैं। लेकिन हम जल्द ही मौके पर जाकर पेड़ की हालत देखकर कार्रवाई करेंगे।
- मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, प्रशासन
प्रशासन की तरफ से हमें कोई लिखित में जानकारी नहीं दी गई है। अगर पेड़ जानमाल के लिए नुकसानदेह है तो हम निश्चिय ही कोई कार्रवाई करेंगे।
- देबेंद्र दलाई, मुख्य वन संरक्षक, यूटी