पंजाब विश्वविद्यालय स्टूडेंट काउंसिल के फंड को कोरोना बचाव राहत कोष में देने की सिफारिश पर अध्यक्ष चेतन चौधरी व उपाध्यक्ष राहुल कुमार आमने-सामने आ गए। उपाध्यक्ष राहुल कुमार फंड कोरोना के बचाव को देना चाहते हैं। वहीं, अध्यक्ष चेतन चौधरी ने कहा कि यह फंड कई कार्यों पर खर्च किया जाएगा। अगर बचेगा तो गरीब विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देंगे। इस समय कोरोना से पूरी दुनिया प्रभावित है। देश में यह तेजी से पैर पसार रहा है। कोई इसके लिए वैक्सीन तैयार करने में जुटा है तो कोई आर्थिक मदद के लिए आगे आ रहा है।
देशभर के तमाम लोगों ने कोरोना राहत कोष के लिए फंड देने का एलान किया है। इसी कड़ी में पीयू स्टूडेंट काउंसिल के उपाध्यक्ष राहुल कुमार ने डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर को चिट्ठी लिखी है। कहा है कि काउंसिल के खाते में लगभग 10 लाख रुपये हैं। इस रकम से झंकार समेत तीन बड़े कार्यक्रम होने थे, लेकिन इस समय हालात अलग हैं। यह कार्यक्रम अब कराए जाना संभव नहीं है। 31 मार्च से पहले इस रकम का हिसाब देना होता है और खर्च दिखाना होता है अन्यथा यह रकम अगले वर्ष के बजट में जुड़ जाएगी।
इसी को देखते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश को आर्थिक मदद की भी जरूरत है। ऐसे में काउंसिल का फंड कोरोना राहत कोष के लिए दे दिया जाए। इस चिट्ठी की एक प्रतिलिपि उपाध्यक्ष ने अध्यक्ष चेतन चौधरी को भी भेजी है। उन्होंने कहा है कि काउंसिल का फंड उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। यह अध्यक्ष व सचिव के अधिकार क्षेत्र का मामला है। बचे फंड का उपयोग 31 मार्च के बाद पीयू खुला तो किया जाएगा। यदि छुट्टियां बढ़ती हैं तो फिर इस रकम को गरीब विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देंगे। उनका चुनाव मिलकर किया जाएगा।
यह काम भी अच्छा है। कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता का काम काउंसिल कर रही है। हर संभव मदद भी जाएगी। उन्होंने कहा है कि काउंसिल के फंड का प्रयोग हम अप्रैल या मई तक कर सकेंगे, इसके लिए पीयू प्रशासन से अनुमति ली जा रही है। जैसे ही अनुमति मिलेगी तो फिर कार्यक्रम अप्रैल में भी हो सकते हैं। काउंसिल के फंड पर सबसे पहले हक विद्यार्थियों का है। विद्यार्थियों से इस संबंध में हम वार्ता भी करेंगे, लेकिन फिलहाल कोरोना से निपटा जाए।