लॉकडाउन के चलते पंजाब यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में इस बार दाखिले लगभग डेढ़ माह देरी से होने के आसार है। कॉलेजों के प्रिंसिपलों के अनुसार अभी उनका लगभग एक महीने का पाठ्यक्रम बकाया है। इसके बाद परीक्षाएं भी आयोजित करवानी है। ग्रेजुएशन में दाखिले की चाह रखने वाले विद्यार्थियों के अभी बोर्ड के कई पेपर भी होने हैं।
डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पाठ्यक्रम पूरा करने की कोशिश
डीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण शैड्यूल थोड़ा खराब हो गया है। अभी लगभग एक माह का पाठ्यक्रम बाकी था, इसी बीच कोरोना से बचाव के कारण लॉकडाउन लग गया। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जितना अधिक हो डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पाठ्यक्रम पूरा करवाया दिया जाए। कॉलेज में साइंसेज के कोर्स छोड़कर मैरिट के आधार पर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला दिया जाता है। इसके लिए उम्मीदवारों को ऑनलाइन ही फॉर्म भरकर जमा करवाना होता है। लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण लगभग एक से डेढ़ महिने से देरी से दाखिला की शुरूआत होगी।
कोरोना महामारी के चलते असमंजस की स्थिति
पोस्ट ग्रेजुएशन गवर्नमेंट कॉलेज-11 की प्रिंसिपल रमा अरोड़ा ने बताया कि हम पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि बच्चों को ऑनलाइन सिलेबस पूरा करवा दिया जाए, ताकि कॉलेज शुरू होते ही परीक्षा आयोजित करवाई जा सके। अभी कोरोना महामारी के कारण चल रहे माहौल के बीच कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन उम्मीद है कि ग्रीष्म अवकाश में कटौती कर बच्चों की परीक्षाएं और दाखिले आयोजित करवाए जाएं। हर बार अप्रैल में परीक्षाएं शुरू हो जाती थी, इसके बाद दाखिले आयोजित किए जाते थे।