चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को लड़के कैंपस में बाइकों पर अकेले गेड़ियां मारते घूमते हैं, उसकी बजाए पूलिंग का रास्ता अपनाएं। यह कैंपस के लिए भी अच्छा होगा और उनके लिए भी। ये बातें सांसद खेर ने पीयू के स्टूडेट्स सेंटर में आयोजित ‘कॉफी विद किरण’ कार्यक्रम के दौरान कहीं। शहर में बढ़ रहे ट्रैफिक संबंधी एक सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि कैंपस में पहले की तुलना में ट्रैफिक बहुत बढ़ गया है। स्टूडेंट्स अब कारों में आने लगे हैं। ऐसे में कैंपस में बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कार पूलिंग जरूरी है। इस कार्यक्रम के दौरान सांसद खेर ने स्टूडेंट्स द्वारा पूछे गए कई सवालों के जवाब दिए।
सवाल- आप शहर में मेट्रो के खिलाफ क्यों हैं?
जवाब- चंडीगढ़ में मेट्रो सफल नहीं होगी इसलिए वह मेट्रो चलाने के पक्ष में नहीं हैं। मेट्रो चलने से फायदा पंजाब और हरियाणा को होगा। चंडीगढ़ का इससे नुकसान ही होगा। पूरा शहर बर्बाद हो जाएगा। इसके अलावा शहर में मेट्रो का खर्चा 14 सौ करोड़ आएगा। शहर की आबादी 12 लाख है तो फिर पैसे रिकवर करना भी बहुत मुश्किल है। मोनो रेल अच्छा विकल्प है, इससे शहर की खूबसूरती भी बची रहेगी।
सवाल- कैंपस में कुछ ग्रुप माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इनसे कैसे बचें?
जवाब- आजकल कैंपस में राजनीति बहुत हो गई है। छात्र राजनीति में मेन स्ट्रीम पार्टियां घुस रही हैं जोकि गलत है। जेएनयू के कैंपस में जो हुआ, वह बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। 30-35 उम्र होने के बाद कुछ लड़के सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए दाखिला लेकर कैंपस में बैठे रहते हैं। छात्र राजनीति ऐसी नहीं होनी चाहिए।
सवाल- इवनिंग स्टडीज करने वालों को हॉस्टल की बहुत जरूरत है, कुछ करें।
जवाब- इवनिंग स्टडीज उन छात्रों के लिए है, जो दिन में जॉब करते हैं और फिर शाम को पढ़ाई। उन्हें हॉस्टल की क्या जरूरत। लेकिन फिर भी अगर वाकई जरूरत है तो लिखित में शिकायत मेरे दफ्तर में लेकर आएं। मैं इस पर काम करूंगी और जो संभव होगा वो करेंगे।
सवाल- लड़कियों पर काफी बंदिशे होती हैं, आपने कैसे इनका मुकाबला किया?
जवाब- लड़का और लड़की में अंतर करना ही गलत है। यह एक गलत सोच है। हमारे देश की तमाम लड़कियों ने सफलता को हर क्षेत्र में छुआ है। मैंने पीयू के अंग्रेजी विभाग से एमए लिटरेचर की है। यहां बिताया हर लम्हा जीवन का यादगार लम्हा रहा है। मेरे पैरेंट्स बहुत पढ़े लिखे थे, उन्होंने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया। उन्हीं की वजह से मैं यहां तक पहुंचीं।
सवाल- सांसद बनने के बाद आपने पीयू को क्या तोहफा दिया है?
जवाब- सांसद बनने के बाद से अभी तक मैंने सांसद विकास निधि से पीयू को 80 लाख रुपए दिए हैं। साथ ही एक बस, एंबुलेंस सहित बहुत कुछ दिया है। अगली बार अगर सांसद बनूंगी तो विकास के लिए जितने पंड की जरूरत होगी उतना पैसा दिया जाएगा।