एमबीए एंटरप्रेन्योर के संचालन को सिंडिकेट ने मंजूरी नहीं दी। फीस बढ़ाए जाने को लेकर सदस्यों ने प्रस्ताव यूबीएस को भेज दिया। सिंडिकेट चाहती है कि सालाना फीस 2.50 लाख रुपये हो जबकि यूबीएस ने कह दिया कि विद्यार्थियों से एक लाख से अधिक फीस नहीं ले सकते। यूबीएस विभाग ने यह प्रस्ताव पीयू प्रशासन को भेज दिया है। पीयू के यूबीएस की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया था कि इस वर्ष एमबीए एंटरप्रेन्योर शुरू कर देंगे। इसके लिए 35 सीटें निर्धारित की गई थीं। एक सेमेस्टर की फीस 50 हजार तय की गई थी। साल में दो सेमेस्टर की पढ़ाई होगी तो इस तरह एक लाख में रुपये पीयू के खाते में आएंगे।
यह प्रस्ताव बोर्ड ऑफ कंट्रोल, पीजी बोर्ड ऑफ स्टडी व फैकल्टी ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट कमेटी में पास हो गया। आखिर में इसे मंजूरी देने के लिए सिंडिकेट में लाया गया। यहां कुछ सदस्यों ने अड़ंगा लगाते हुए कहा कि यूबीएस की ओर से फीस का निर्धारण कम किया गया है। विद्यार्थियों से सालाना ढाई लाख रुपये फीस ली जाए। यह आपत्ति लगने के बाद प्रस्ताव सिंडिकेट में पास नहीं हो सका और अब यूबीएस विभाग को सिंडिकेट के सदस्यों के इस प्रस्ताव को मनन करने के लिए भेजा है। सूत्रों का कहना है कि यूबीएस ने दो टूक लिखा है, यूबीएस में पहली बार यह कोर्स शुरू होगा।
ऐसे में विद्यार्थियों को मुहैया कराने के लिए इंफ्रास्ट्रैक्चर नहीं है। सुविधाएं पूरी नहीं मिलेंगी तो यूबीएस का नाम खराब होगा। उन्होंने कहा है कि एक बार कोर्स को मंजूरी दी जाए। जैसे ही बेहतर रिजल्ट सामने आएंगे तो फीस आगे बढ़ा दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक यूबीएस ने इस कोर्स की फीस की तुलना अन्य संस्थानों से भी की है। यदि शुरूआत में ही फीस बढ़ा दी जाएगी तो विद्यार्थी दूसरे स्थानों की ओर रुख कर सकते हैं। बताया जाता है कि अब यह प्रस्ताव सिंडिकेट में 28 मई को आएगा।