छात्र संघ चुनाव में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को भी पीयू में एबीवीपी व सोई संगठन के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए भिड़ गए। इस बीच पुलिस ने आकर दोनों पक्षों के बीच बचाव किया। साथ ही पीयू प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि प्रचार के दौरान किसी प्रकार की हिंसा नहीं होनी चाहिए अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। हुआ यूं कि मंगलवार दिन में यूआईईटी में एबीवीपी प्रचार के लिए पहुंची थी। इस दौरान दर्जनों छात्रों की भीड़ लग गई। छात्र नेताओं ने अपना घोषणा पत्र पढ़कर सुनाया।
एबीवीपी अध्यक्ष पद उम्मीदवार पारस रतन ने कहा कि छात्र हित उनके लिए सबसे पहले है। पीयू को हेरिटेज यूनिवर्सिटी बनाने की ओर से संगठन काम करेगा। साथ ही हॉस्टलों में खाना बेहतर दिलवाया जाएगा। साथ ही पारदर्शिता पर काम होगा। कैंपस को प्लास्टिक फ्री बनाएंगे। इसके अलावा कई कार्य होंगे। यह प्रचार चल रही रहा था कि दूसरी ओर सोई के कार्यकर्ता भी विभाग की कैंटीन के पास पहुंच गए। उन्होंने भी अपना प्रचार शुरू कर दिया। दोनों ही संगठनों की ओर से नारेबाजी होने लगी। आरोप है कि दोनों ही संगठनों ने एक-दूसरे पर भद्दे कमेंट भी किए।
सोई के अध्यक्ष पद उम्मीदवार चेतन चौधरी के बारे में कहा गया कि वह उर्दू के विद्यार्थी हैं, इसलिए यूआईईटी एबीवीपी को सपोर्ट करे। इसको लेकर खींचतान बढ़ गई। एक-दो कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, लेकिन पुलिस ने दखल देकर दोनों पक्षों को अलग कर दिया। उसके बाद भी छात्रों ने नारेबाजी करते हुए शक्ति प्रदर्शन किया। कुछ देर बाद दोनों ही संगठन विभागों में जाकर प्रचार प्रसार करने लगे। मालूम हो कि इसी विभाग में सोमवार को एनएसयूआई व सोई के कार्यकर्ता भिड़ गए थे। मारपीट भी हो गई थी। यदि पीयू प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो मामला और आगे बढ़ सकता है।