बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण के पोस्टर लगाए जाने को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी में हंगामा हो गया। छात्रों ने एसएफएस के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही अधिकारियों से शिकायत की। पीयू ने मामला शांत करवाने के लिए पोस्टर हटा दिए। वहीं छात्रों ने सेक्टर 11 के थाने में तहरीर भेजी है। कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की गई है।
एसफएस की ओर से लॉ विभाग, ब्वॉयज हॉस्टल नंबर सात समेत कई पोस्टर लगाए हैं। उन पोस्टरों के जरिये लोगों की भावनाओं को भड़काने जैसे शब्द लिखे हैं। कहा है कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण किया जाए। 1949 में हिंदू मूर्तियों को उस स्थान पर रखना गलत था। बाबरी मस्जिद को ढहाने को भी गलत बताया है।
पोस्टर के बारे में जैसे ही एबीवीपी व अन्य छात्रों को पता लगा तो उन्होंने कुछ जगह हंगामा किया। उसके बाद डीएसडब्ल्यू समेत कई अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने सुरक्षा कर्मियों के जरिये कुछ जगह पोस्टर हटवा दिए हैं। एबीवीपी के संयोजक व पूर्व सचिव परविंदर सिंह कटोरा कहते हैं कि एसएफएस ने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कहा, यदि कोई दिक्कत है तो कोर्ट में एसएफएस इसे चुनौती दे। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन होगा। एबीवीपी की केंद्रीय कार्यसमिति मेंबर कुदरत जोत कौर ने कहा कि एसएफएस ने दूसरी बार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
कैंपस सेक्रेटरी प्रिया शर्मा, पीयू इकाई अध्यक्ष हरीश गुर्जर, एबीवीपी संयोजक स्वराज सिंह सिद्दू आदि ने आक्रोश जताया। उधर, एसएफएस के मेंबर हरमन कहते हैं कि पोस्टर में कोई गलत संदेश नहीं लिखा है।