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पंजाब यूनिवर्सिटी में किए गए कामों का श्रेय लेने को चेतन और राहुल आमने-सामने, पेश किए दावे

Mon, 09 Dec 2019 12:56 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चेतन चौधरी, राहुल कुमार - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटीज स्टूडेंट काउंसिल के नेताओं में पीयू में करवाए गए कामों का श्रेय लेने की आपस में होड़ सी मची है। इसको लेकर अध्यक्ष चेतन चौधरी और उपाध्यक्ष राहुल कुमार आमने-सामने आ गए हैं। दोनों का दावा है कि ब्वॉयज हॉस्टल्स में वाशिंग मशीनें लगवाने का काम उनके संगठन की ओर से करवाया गया हैं। दोनों के बीच बढ़ रहे आपसी वैचारिक मतभेद की बात अब स्टूडेंट्स को भी धीरे-धीरे पता चल रही है।
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अब यह दोनों नेता अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं कि वह यह बताएं कि उन्होंने ही या उनके संगठन ने यह प्रस्ताव पास करवाए हैं। पीयू के गर्ल्स हॉस्टल्स में वाशिंग मशीन के एरिया बने हुए हैं। हर हॉस्टल में छात्राएं इन मशीनों से कपड़े धोती हैं। उसके बाद कुछ ब्वॉयज हॉस्टल में भी यह सुविधा शुरू हुई। अभी हाल ही में पीयू प्रशासन ने हर हॉस्टल में चार वाशिंग मशीनें लगाने का फैसला लिया है। यह प्रस्ताव बैठक में पास हो गया।

जैसे ही प्रस्ताव पास हुआ तो राहुल कुमार ने इसका श्रेय लिया और अपने सभी अभिलेख सार्वजनिक करके यह दिखाया कि वे ही यह प्रस्ताव लेकर आए हैं। यह बात चेतन चौधरी को पता चली तो उन्होंने भी दावा कर दिया कि वर्ष 2015 में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने पीयू को सात करोड़ रुपये दिए थे। यह रकम वाशिंग मशीनें लगाने, सोलर गीजर लगाने, वुमन जिम आदि के लिए दिए थे। इसका श्रेय सोई संगठन को जाता है। उन्हीं की पहल पर यह काम किए गए थे।
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वाशिंग मशीनों का प्रस्ताव वर्ष 2015 का
पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी ने कहा कि वर्ष 2015 में सोई संगठन की पहल पर डिप्टी सीएम रहे सुखबीर सिंह बादल ने वाशिंग मशीन आदि के लिए रकम दी थी। उसी पैसे से यह मशीनें लगने जा रही हैं। इसका श्रेय हमें जाता है न कि उपाध्यक्ष को।

प्रस्ताव मेरा, बैठक भी मैंने ही करवाई
पीयूसीएससी उपाध्यक्ष राहुल कुमार कहते हैं कि पीयू प्रशासन को मैंने ही स्टूडेंट्स की मांग पर वाशिंग मशीनें ब्वॉयज हॉस्टल में लगाने का प्रस्ताव दिया था। बैठक भी मैंने ही करवाई और प्रस्ताव भी पास करवाया। यह सभी जानते भी हैं और पूरे अभिलेख भी मेरे पास हैं।

राहुल का ही है यह प्रस्ताव
पीयूसीएससी के ज्वाइंट सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह माहल ने कहा कि यह प्रस्ताव उपाध्यक्ष राहुल कुमार ने तैयार किया था और इस पर सचिव तेगबीर और मेरे भी हस्ताक्षर थे। पीयू प्रशासन ने इसे मंजूरी दी तो स्टूडेंट्स को लाभ मिला है। सोई संगठन को इसका श्रेय नहीं जाता है।
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