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बुरी खबरः स्कूलों ने दोगुनी की फीस, जानिए कितनी बढ़ाई और क्यों?

Mon, 06 Feb 2017 02:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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school admission
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नए सेशन में नौनिहालों का दाखिला कराने के लिए अभिभावकों को करनी होगी ज्यादा जेब ढीली। फीस बढ़ा दी गई है। एसोसिएशन के सदस्य प्रितपाल सिंह ने बताया कि स्कूल ने ट्यूशन फीस को एकमुश्त 2500 से 5 हजार रुपये कर दिया है। पेरेंट्स पर बिना बात का बोझ डाला जा रहा है। एजुकेशन डिपार्टमेंट ने री-एडमिशन फीस पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है।
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उसके बावजूद स्कूल उनसे री-एडमिशन फीस वसूल रहे हैं, जो सीधे तौर पर नियमों के खिलाफ है। स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट के नियम ही नहीं मानते। इसके विरोध में पेरेंट्स ने सेक्टर-47 स्थित माउंट कार्मल स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। माउंट कार्मल पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल प्रबंधन पर लूट खसोट का आरोप लगाया।

कभी टूर तो कभी कार्निवल के बहाने वसूली
प्रितपाल ने बताया कि सत्र शुरू होने से पहले सभी तरह की फीस लेने के बाद हर रोज किसी न किसी तरह के कार्यक्रम का बहाना बनाकर वसूली होती है। कभी कार्निवल, कभी टूर पर ले जाने और कभी कोई महोत्सव के नाम पर बच्चों से फीस लाने को कह दिया जाता है। बच्चों को परेशान न किया जाए, इसलिए पेरेंट्स को फीस देनी ही पड़ती है।
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मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी
चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिशन के प्रेजिडेंट नितिन गोयल ने बताया कि स्कूलों की मनमानी को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। जो भी स्कूल लूट खसोट कर रहे हैं उनके खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। सभी स्कूलों में पेरेंट्स एसोसिएशन बनाई जाएंगी। माउंट कार्मल स्कूल से इसकी शुरुआत हो गई है। गोयल ने बताया कि निजी स्कूल प्रबंधन मनचाही वसूली कर रहे हैं। एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनेे हुए हैं।

एक क्लास में 50 से अधिक बच्चे
अभिभावक मंदीप सिंह ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में सुविधाओं के लिए अधिक फीस दी जाती है। उसके बाद भी एक क्लास में 50 से अधिक बच्चे पढ़ाए जा रहे हैं। ऐसे में फिर निजी और सरकारी स्कूल में फर्क क्या हुआ। शिक्षा के अधिकार के अनुसार कक्षा में 30 से अधिक बच्चे नहीं पढ़ा सकते।
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