चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में वसूली जा रही भारी भरकम फीस की एक हकीकत सामने आई है, अभिभावक जानेंगे तो उनको यकीं नहीं होगा। भारी भरकम फीस को रोकने का कोई इंतजाम नहीं है। चंडीगढ़ में ज्यादातर नियम पंजाब के लागू होते हैं। पंजाब फीस रेगुलेशन एक्ट में प्राइवेट स्कूलों पर फीस वृद्धि के मामले में शिकंजा कसने का प्रावधान है। जबकि यहां ऐसा नहीं है।
यही कारण है कि प्रति वर्ष चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में दस फीसदी फीस वृद्धि की जाती है। अब जबकि 30 नवंबर से चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में प्री नर्सरी के दाखिले शुरू हो रहे हैं तो एकबार फिर से फीस वृद्धि का मामला उछला है और चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग ने भी प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि को रोकने के लिए पंजाब फीस रेगुलेशन एक्ट लागू करने के लिए एमएचआरडी को भेजा है।
यदि एक्ट को मंजूरी मिली तो फीस मनमानी वृद्धि नहीं कर सकेंगे। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से 30 नवंबर को कॉमन एडमिशन शेड्यूल तय कर दिया गया है शहर के 71 प्राइवेट स्कूल दस से 15 फीसदी फीस बढ़ाने को लेकर तैयारी कर चुके हैं। इसे लेकर सभी प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि वह अपनी फीस और फार्म सहित एडमिशन की अन्य जानकारी अपलोड करेंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से कॉमन एडमिशन शेड्यूल जारी करने के बाद प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाने की बात रख चुके हैं। इसके लिए प्राइवेट स्कूलों की ओर से मांग की गई है कि उन्हें ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटों की रिइंबर्समेंट नहीं मिली है। इस कारण वह फीस बढ़ाएंगे। इस पर शिक्षा सचिव बंसी लाल शर्मा ने बताया कि वह लिखित में स्कूलों से मांगा है कि कितनी फीस बकाया है। इसके बाद ही रिइंबर्समेंट होगी।
शिक्षा विभाग की ओर से जांच के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। शहर के प्राइवेट स्कूलों की ओर से हर साल एडमिशन फीस, स्कूल फीस, बस फीस सहित अन्य चार्ज सहित 20 हजार रुपये तक सालाना प्राइवेट स्कूल तय फीस से अधिक वसूल रहे हैं। जिससे अभिभावक परेशान है। फीस के लिए प्राइवेट स्कूलों का रैवेया कई जगह ठीक नहीं है।
इस बारे में माउंट कार्मल पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट गुरप्रीत कटवाल ने बताया कि स्कूल फीस बढ़ाते हैं। हमने इस पर केस भी किया है। लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। हमने एक साल पहले स्कूल पर केस किया है। लेकिन अभी तक फीस चंडीगढ़ शिक्षा विभाग और अदालत तय नहीं कर पाए हैं। इस कारण पैरेंट्स की जेब कट रही है।