अभिभावकों और स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी। अब उन्हें हर साल एडमिशन फीस नहीं देनी होगी, इसके लिए गाइडलाइंस तैयार की गई हैं। विभाग ने शहर के प्राइवेट, एडेड और कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
शहर के 70 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में 2016-17 सत्र में दाखिले संबंधी नई गाइडलाइंस को अंतिम रुप दिया जा है। दिसंबर से पहले सभी प्राइवेट स्कूलों को वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर फीस स्ट्रक्चर जारी करना होगा।
शिक्षा सचिव से मंजूरी मिलते ही नई गाइडलाइंस को कॉमन एडमिशन शेड्यूल के साथ प्राइवेट स्कूलों को जारी कर दिया जाएगा। पहली बार शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों के फीस स्ट्रक्चर पर खुद नजर रखेगा।
इस साल कोई भी प्राइवेट स्कूल 10 फीसदी से अधिक फीस में इजाफा नहीं कर सकता। जानकारी के अनुसार सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के निर्देश पर यूटी शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों के लिए संशोधित नियमों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
सुविधाओं के अनुपात में स्कूला बढ़ा सकेंगे फीस
स्कूल एडमिशन
विभाग द्वारा तैयार किए प्रपोजल के तहत प्राइवेट स्कूलों को सुविधाओं के अनुपात में ही फीस बढ़ाने की अनुमति होगी, जिसकी जानकारी शिक्षा विभाग को देनी होगी। प्राइवेट स्कूलों के हजारों अभिभावकों को हर साल एडमिशन फीस के तौर पर अतिरिक्त राशि नहीं देनी होगी। अगले सत्र से कोई भी प्राइवेट स्कूल हर साल स्टूडेंट से एडमिशन फीस नहीं वसूल सकते। प्राइवेट स्कूलों द्वारा सभी स्टूडेंट्स से क्लास में प्रमोट होने पर एडमिशन फीस के तौर पर 15 से 25 हजार वसूली की जाती है।
स्कूलों में नहीं बेच पाएंगे किताबें
शहर के प्राइवेट स्कूल अब स्कूल कैंपस में किताबें नहीं बेच पाएंगे। हर स्कूल प्रबंधन को कम से कम शहर में चार बुक स्टोर का विकल्प देना होगा। शिक्षा विभाग की ओर से तैयार प्रपोजल में प्राइवेट स्कूल पांच साल से पहले स्कूल ड्रेस में बदलाव नहीं कर सकते। प्रबंधक ड्रेस के लिए अभिभावकों को स्कूल से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
शहर के सभी प्राइवेट, एडेड और कॉन्वेंट स्कूलों को एंट्री लेवल (नर्सरी-केजी) में दाखिले के लिए कॉमन एडमिशन शेड्यूल फोलो करने होंगे। स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर लकी ड्रा या अन्य कोई पारदर्शी तरीके से दाखिला करना होगा। अभिभावकों को स्कूल प्रॉस्पेक्टस खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। सभी स्कूलों को वेबसाइट पर आवेदन फार्म उपलब्ध कराना होगा। स्कूल प्रोसेसिंग फीस 100 से 150 रुपये से अधिक चार्ज नहीं कर सकेंगे।
नियमों की अनदेखी तो सीधे रद्द होगी मान्यता
स्कूल एडमिशन
प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई के लिए अब यूटी प्रशासन सख्ती बरतेगा। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग सीधे सीबीएसई को मान्यता रद्द करने की चिट्ठी जारी कर दी जाएगी।
प्रशासन ने ऐसे स्कूलों पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के लिए इस्टेट ऑफिस, स्टेट ट्रांसपोर्ट ऑफिस और एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग को भी कार्रवाई की इजाजत दी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने 2013-14 और 2014-15 सत्र में इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन(ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत दाखिला देने वाले स्कूलों की रिब्रेंशमेंट राशि में इजाफा करने का फैसला लिया है।
2017 सत्र के लिए प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों को कॉमन एडमिशन शेड्यूल फोलो करना होगा। बुधवार को इस संबंध में मीटिंग बुलाई गई है। सीबीएसई के निर्देश पर दाखिले संबंधी अन्य निर्देश भी जल्द प्राइवेट स्कूलों को जारी कर दिए जाएंगे। फीस को लेकर भी शिक्षा विभाग गाइडलाइंस जारी करेगा।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़