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अपीलः शिक्षा विभाग चंडीगढ़ पिछले 25 सालों से चल रहे स्कूलों को आरटीई एक्ट के तहत मान्यता दे

Thu, 12 Dec 2019 11:42 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ के 91 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को लेकर यूटी शिक्षा विभाग सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इस बीच चंडीगढ़ रूरल एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी ने मांग की है कि यह सभी स्कूल 20 से 25 साल पुराने हैं और राइट टू एजुकेशन (आरटीई) एक्ट 2009 की पालना करते हैं, इसलिए स्कूलों को प्राइमरी तक के लिए एक्ट के तहत मान्यता प्रदान की जानी चाहिए।
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चंडीगढ़ रूरल एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष वीबी कपिल ने बताया कि शिक्षा विभाग ने जो 91 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की जो लिस्ट बनाई है, वह सभी चंडीगढ़ के रूरल एरिया जिनमें मौलीजागरां, मनीमाजरा, धनास, मलोया, हल्लोमाजरा, खुड्डा अलीशेर, डड्डूमाजरा आदि में हैं। यह सभी स्कूल काफी पुराने हैं।

इनमें से कई पिछले 25 साल से चल रहे हैं और इन इलाकों में रहने वाले गरीब बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा की इनमें से ज्यादातर स्कूल आरटीई एक्ट की पालना करते हैं, बावजूद इसके इन्हें प्राइमरी तक की कक्षाएं लगाने के लिए मान्यता नहीं मिल रही।
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बता दें शिक्षा विभाग ने बीते दिनों गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चे नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट करने को कहा है। साथ ही विभाग ने इन स्कूलों की लिस्ट भी जारी की है।

मान्यता मिलने से हजारों बच्चों का होगा फायदा

सोसाइटी के सदस्यों ने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से कई बार उनके स्कूलों की जांच की जाती रही है। कुछ महीने पहले सभी स्कूलों से बिजली, पानी के बिल भी मंगाए गए जिससे लगा कि स्कूलों को शिक्षा विभाग मान्यता दे सकता है लेकिन बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ।

बताया कि सभी स्कूल शिक्षा विभाग से आरटीई एक्ट के तहत ही मान्यता देने की मांग कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो वह स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को कई अन्य सुविधाएं भी मुहैया करा सकेंगे। गौरतलब है कि इन स्कूलों में करीब 19,178 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

कुछ स्कूलों को मिल सकती है मान्यता
यूटी शिक्षा विभाग ने 91 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की लिस्ट तैयार की है। सभी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल शहर के गांव, कॉलोनियों में हैं। विभाग के अनुसार इनमें से कई स्कूल नियम-कानूनों पर खरे नहीं उतरते हैं। इन स्कूलों में कई ऐसे भी हैं, जिनमें सिर्फ 17 से 50 विद्यार्थी ही पढ़ते हैं। जबकि कई ऐसे हैं, जिनमें 500 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं।

एरिया के एसडीएम, इस्टेट ऑफिस और नगर निगम को उनके एरिया में चल रहे स्कूलों की जांच और फिर कमी पाए जाने पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन स्कूलों में से कई ऐसे भी हैं, जिन्हें मान्यता मिल सकती है। विभाग का मानना है कि कई स्कूल मान्यता प्राप्त करने के लिए नियमों को पूरा कर रहे हैं, जिन्हें मान्यता दी जा सकती है।
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यह हैं प्रमुख मांगें

1. जो भी स्कूल आरटीई एक्ट 2009 की पालना करते हों, उन्हें मान्यता दी जाए।
2. ‘नेम एंड शेम’ की पॉलिसी न अपनाई जाए। इससे पढ़ने वाले बच्चों को काफी समस्या आती है।
3. स्कूलों को चलने दिया जाए।
4. जांच में जो कमियां पाई गई हैं उन्हे ठीक करने के लिए स्कूल प्रबंधन को समय दिया जाए।
5. सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे, बिल्डिंग सेफ्टी, फायर सेफ्टी अप्रूवल मौजूद। जांच की रिपोर्ट स्कूल को भी दिखाई जाए, ताकि वह कमियां दूर कर सकें।
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