पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के सीनेटर डॉ. इकबाल सिंह संधू पर सुविधाएं दिलाने के नाम पर 21 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। इन गंभीर आरोपों की जांच के लिए गठित कमेटी ने शुक्रवार को आरोप लगाने वालों के बयान दर्ज किए। उन्होंने सुबूत के तौर पर एफिडेविट दिए हैं। एक सप्ताह में जांच पूरी हो जाएगी।
पंजाब के जिला श्री मुख्तसर साहिब स्थित सीजीएम कॉलेज मोहलान के चेयरमैन सतपाल सिंह का आरोप है कि पिछले साल सीनेटर डा. इकबाल सिंह संधू कॉलेज में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कहा था कि कॉलेज में स्टूडेंट्स एडमिशन लेने के बाद भी नहीं आ रहे हैं। इसके कारण लड़कों के प्रवेश रोक दिए गए और लड़कियों का सेंटर खत्म कर दिया गया।
आरोप है कि सीनेटर ने दोबारा कॉलेज संचालन के लिए नौ लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उन्होंने 30 अगस्त 2017 को पांच लाख, 26 अक्टूबर को एक लाख व 13 नवंबर 2017 को डेढ़ लाख रुपये दिए लेकिन सुविधाएं नहीं दिला पाए। नेशनल डिग्री कॉलेज चौवड़ियां वाली फाजिल्का के प्रबंधक कमेटी सदस्य देवेंद्र सिंह ने भी सीनेटर पर 12 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि नौ लाख रुपये का भुगतान वह पूरा कर चुके हैं। लड़कों के दाखिले कॉलेज में बंद कर दिए गए थे जबकि निरीक्षण में सब कुछ सही पाया गया था। आरोप लगाने के बाद प्रो. अमीर सुल्ताना की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने आरोप लगाने वालों के बयान शुक्रवार को दर्ज किए। कई सुबूत पेश भी किए हैं।
कहा है कि सीनेटर एक कॉलेज के प्राचार्य भी हैं। आरोप लगाने के बाद कई और लोगों में हड़कंप मच गया। कारण, इस खेल में वह भी शामिल थे। हालांकि आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही कुछ निर्णय लिया जा सकेगा।
मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। मामले की जांच चल रही है। जल्द ही दूध और पानी अलग नजर आएंगे।
- डॉ. इकबाल सिंह संधू, सीनेटर