केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एक नेक इंसान हैं। उनके नेतृत्व में हरियाणा सरकार की ओर से सात महीनों में उठाए गए कदमों के कारण बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और हरियाणा में कई नई पहल हुई हैं।
बीरेंद्र सिंह केंद्र सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर शुक्रवार को हरियाणा निवास में आयोजित ‘साल एक-शुरूआत अनेक’ संवाद कार्यक्रम के तहत पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। हाल ही में खट्टर सरकार को पंचायत चुनाव लड़ने की सलाह वाले उनके बयान के बारे में पूछे जाने बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे हैरान हैं कि ऐसा बयान कैसे छपा, जबकि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही थी।
खट्टर मंत्रिमंडल में केवल 10 मंत्रियों के होने संबंधी सवाल के जवाब में बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या के बारे में मुख्यमंत्री और आलाकमान आपसी विचार-विमर्श से फैसला लेते हैं। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि खट्टर मंत्रिमंडल में दस मंत्री हैं तो है सीएम का अधिकार है। उन्होंने व्यंग्य किया कि हुड्डा के मंत्रिमंडल में कभी 14वां मंत्री होता ही नहीं था।
भूमि अधिग्रहण बिल संसद की संयुक्त कमेटी के सुपुर्द
केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया है। समिति विधेयक के बारे में जो भी सिफारिशें करेगी, केंद्र सरकार उन पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण विधेयक में केंद्र सरकार वही संशोधन करेगी, जो किसानों के हित में होगा।
संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को न मानना प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं है। विधेयक लोकसभा में चर्चा के बाद पारित हो गया है, लेकिन इस पर राज्यसभा में चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार निजी क्षेत्र के लिए एक इंच भूमि भी अधिग्रहण नहीं करेगी, लेकिन सड़क, जल परियोजनाओं, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठापन व अन्य अवसंरचना विकास के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले तो कांग्रेस शासित प्रदेशों समेत 18 राज्य इसके पक्षधर थे कि संशोधन के बिना विकास परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि एक जनवरी, 2014 से क्रियान्वयन के 17 महीनों के दौरान केवल पंजाब और उड़ीसा में ही 200-300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो सका है।