प्रॉपर्टी टैक्स के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव में किरकिरी के बाद अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार जनता को राहत देने जा रही है।
मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स में कमी से संबंधित प्रस्ताव आने की संभावना है। इसके साथ ही व्यापारियों को राहत देने के लिए वैट आदि में कमी से संबंधित मसलों पर चर्चा व फैसले और कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु सीमा में इजाफे पर विचार-विमर्श भी संभावित है। कुछ विभागों में नई भर्तियों संबंधी फैसले भी हो सकते हैं।
जानकारों के मुताबिक सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स में भारी कमी करने का मन बना लिया है। इसके तहत जहां प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर रेट से अलग करने पर सहमति बनी है, वहीं एक निश्चित क्षेत्रफल तक के प्लॉटों को इस कर से छूट दी जा सकती है।
खाली पड़े प्लॉटों पर लगने वाला प्रॉपर्टी टैक्स भी माफ हो सकता है। इससे पहले इन सभी पर टैक्स लग रहा था और जायदाद की कीमत कलेक्टर रेट के आधार पर निर्धारित होने से यह बहुत अधिक बन जाता था। एक उच्चाधिकारी के अनुसार कैबिनेट की मुहर लगने पर प्रॉपर्टी टैक्स काफी कम हो जाएगा।
हौजरी उद्योग से संबंधित यार्न पर लगने वाले वैट को आधा करने पर भी कैबिनेट बैठक में सहमति बन सकती है। इस वक्त इस पर 6.5 प्रतिशत वैट वसूला जा रहा है, जिसे 3 फीसदी करने का प्रस्ताव है।
हौजरी उद्योग में इतने अधिक वैट की वजह से काफी रोष है और इसे ध्यान में रखकर ही सरकार ने कमी का मन बनाया है। इसके अलावा 58 वर्ष की रिटायरमेंट आयु में दो साल की टेंपरेरी एक्सटेंशन देने संबंधी फैसला बैठक में होने की संभावना है।
इन फैसलों की संभावना
प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर रेट से अलग करना
एक निश्चित क्षेत्रफल तक के प्लॉटों को टैक्स से छूट
खाली पड़े प्लॉटों पर लगने वाला प्रॉपर्टी टैक्स माफ होना
यार्न पर लगने वाले वैट में पचास फीसदी कमी
58 वर्ष की रिटायरमेंट आयु में दो साल की टेंपरेरी एक्सटेंशन