चंडीगढ़। नई एग्रीगेटर नीति पर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) और शहर के कैब चालकों में ठन गई है। कैब चालक नई एग्रीगेटर नीति को अधिसूचित करने की पिछले कई महीनों से मांग कर रहे हैं। कई ज्ञापन भी दे चुके हैं। अब एसटीए ने कहा है कि इस महीने के अंत तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी, लेकिन कैब चालकों ने विभाग को एक हफ्ते का अल्टीमेटम देते हुए 16 से प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ऐसे में 16 से कैबों के पहिए थम सकते हैंं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चंडीगढ़ कैब यूनियन ने न्यूनतम किराया दरें लागू करने और एग्रीगेटर नियमों की अधिसूचना में देरी के खिलाफ भूख हड़ताल करने का फैसला लिया है। यूनियन के अध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि वह 16 दिसंबर से सेक्टर-17 स्थित डीसी ऑफिस के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनके साथ यूनियन के सदस्य सुमित छाबड़ा भी हो सकते हैं। यूनियन का कहना है कि प्रशासन द्वारा न्यूनतम दरें लागू करने और एग्रीगेटर नीतियों की अधिसूचना में हो रही देरी से न केवल कैब ड्राइवर, बल्कि यात्रियों और अन्य हितधारक भी प्रभावित हो रहे हैं। चंडीगढ़ ऑटो यूनियन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने भी इस विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि न तो प्राइवेट बाइक टैक्सियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है, न ही एग्रीगेटर कंपनियों पर कोई उचित कदम उठाया गया है। ऑटो और कैब के न्यूनतम दरों को लागू करने के वादे से मुकर कर अब अधिकतम दरों की चर्चा की जा रही है जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस अनदेखी के विरोध में ऑटो ड्राइवर भी शामिल होंगे।