हरियाणा के जाटलैंड जींद में होने जा रहा विधानसभा उपचुनाव सभी राजनीतिक दलों की अग्निपरीक्षा लेगा। चुनावी साल में हो रहे उपचुनाव से सत्ता पक्ष और विपक्ष की ताकत और कमजोरियां भी सामने आ जाएंगी। जाटलैंड में इस चुनाव के साथ सबसे अधिक प्रतिष्ठा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला की जुड़ी हुई है। जींद जिले को इनेलो और कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जबकि जींद विधानसभा सीट पर सबसे अधिक पांच बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, उसके बाद इनेलो चार बार जीती है।
भाजपा का यहां अपने बूते कभी खाता नहीं खुला। अन्य क्षेत्रीय दलों के अलावा निर्दलीय ने इस सीट पर तीन बार विजय हासिल की है। हरियाणा में पूर्ण बहुमत की पहली भाजपा सरकार इस बार जींद सीट को जीतने का दावा कर रही है। सत्ता में होने पर उसका यह दावा मजबूत भी है, चूंकि इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा की मृत्यु के बाद उनके बेटे कृष्ण मिड्ढा के भाजपा में जाने से सत्ताधारी दल की ताकत बढ़ी है। बीते चुनाव में कम अंतर से भाजपा हारी थी, इसलिए उसे इस बार करिश्मे की आस है। निगम चुनावों में जीत के बाद कार्यकर्ताओं के हौसले भी बुलंद हैं।
जाट नेता व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के रुतबे का भाजपा जींद में पूरा फायदा उठाना चाहेगी। चूंकि, उनकी पत्नी जींद जिले के उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से ही विधायक हैं। गुटों में बंटी कांग्रेस के लिए भितरघात से निपटना आसान नहीं होगा। वहीं, जजपा के उदय के बाद गढ़ बचाने में इनेलो के पसीने छूटना तय है। सभी दलों को टिकट आवंटन में कड़ी मशक्कत करनी होगी। चूंकि, टिकट के एक नहीं अनेक दावेदार हैं। कड़ी प्रतिस्पर्धा होने के कारण प्रमुख दलों को निर्णय लेना आसान नहीं होगा। भाजपा ने टिकट तय करने के लिए तीन नवंबर को चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। इसमें सबसे मजबूत उम्मीदवार का नाम तय करने पर चर्चा होगी।
सरकार की उपलब्धियों पर जीतेंगे चुनाव : बराला
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का कहना है कि सरकार की सवा चार साल की उपलब्धियों के आधार पर जीत दर्ज करेंगे। टिकट तय करने को लेकर 3 जनवरी को चुनाव समिति की बैठक होगी। टिकट के कई दावेदार हैं, जल्दी ही टिकट की घोषणा कर दी जाएगी। कृष्ण मिड्ढा, सुरेंद्र बरवाला, टेकराम कंडेला, जवाहर सैनी और संगठन के कई पुराने कार्यकर्ता टिकट के प्रमुख दावेदार हैं। इन सबमें से मजबूत दावेदार को टिकट मिलेगी। हरियाणा में हमने सबके गढ़ तोड़े हैं, अब जींद की बारी है।
इनेलो, कांग्रेस व जजपा जल्द तय करेंगे उम्मीदवार
इनेलो में टिकट के लिए दो प्रमुख दावेदार हैं। इनमें जुलाना से विधायक परमिंद्र ढुल के बेटे रविंद्र ढुल और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सुमित्रा शामिल हैं। पार्टी प्रवक्ता प्रवीण अत्रेय ने बताया कि जल्दी ही कोर कमेटी की बैठक होगी। उसमें उम्मीदवार तय करेंगे। कांग्रेस में पूर्व प्रत्याशी प्रमोद सहबाग, बालमुकुंद शर्मा, रघुबीर भारद्वाज, सुरेश गोयत इत्यादि शामिल हैं। कांग्रेस में भी बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। हाईकमान सभी गुटों से रायशुमारी के बाद प्रत्याशी तय करेगा। जजपा में जींद जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी व यूथ विंग के अध्यक्ष प्रदीप गिल को टिकट की दौड़ में आगे माना जा रहा है।