लागू होने वाले जीएसटी का शहर के व्यापारी स्वागत करते हैं लेकिन व्यापारियों का कहना है कि इससे टैक्स भुगतान करने की प्रक्रिया लंबी हो जाएगी क्योंकि शहर के कई व्यापारी और उद्योगपति ऐसे है जो कंप्यूटर चलाने के आदी नहीं है। इसके साथ ही व्यापारियों का कहना है कि आनलाइन बिल को डाउनलोड करने और जीएसटी का भुगतान करने के लिए इतना इफ्रस्ट्रचर मजबूत नहीं है।
उद्योगपतियों का कहना है कि जीएसटी के जो नियम एवं प्रक्रिया सरकार ने अंतिम रूप देना है वह आसान होने चाहिए। इसके साथ ही कुछ व्यापारियों और उद्योगपतियों का यह भी मानना है कि इससे कुछ ऐसी चीजें भी महंगी हो जाएगी जिन पर अब तक कोई टैक्स नहीं लग रहा था लेकिन अब उन पर भी जीएसटी लगेगा। जीएसटी के लागू होने से सबसे ज्यादा दिक्कत उन व्यापारियों को भी है जो कच्चे पर ही काम करते हैं।
लेकिन इसका फायदा यह है कि अब हर राज्य में एक बराबार ही टैक्स लगेगा जबकि इस समय चंडीगढ़ में ऐसा है कि कई चींजों पर पंजाब व हरियाणा में टैक्स फ्री है लेकिन शहर में इन पर लग रहा है। हाल ही में राज्यसभा से पास हुए जीएसटी के बिल पर शहर के व्यापारियों और उद्योगपतियों से जब उनकी राय पूछी तो उन्होंने यू रखी अपनी बात
व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि जीएसटी का फायदा होगा कि पूरे देश में एक बराबर टैक्स लागू होंगे। उनका कहना है कि अभी सरकार ने जीएसटी के नियम तय करने है वह लोगों की पहुंच में होने चाहिए। उनका कहना है कि जीएसटी का रेट भी जायज होने चाहिए। उनका कहना है कि जीएसटी से व्यापारी के लिए लिखने पढ़ने का काम काफी बढ़ जाएगा यह परेशानी जरूर व्यापारी और उद्योगपति के लिए बढ़ जाएगी।