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पंचकूला के सरकारी होटल में फंदे पर लटका मिला ट्राइसिटी का बड़ा कारोबारी

Thu, 23 Jul 2020 02:40 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
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रेड बिशप होटल - फोटो : अमर उजाला
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पारिवारिक कलह से परेशान ट्राइसिटी के बड़े उद्योगपति 76 वर्षीय गुरकृपाल सिंह चावला ने बुधवार रात सेक्टर-1 स्थित रेड बिशप होटल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए और उनको फंदे से उतारकर सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल से सूचना पर सेक्टर-5 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने होटल के कमरे को सील कर दिया है। घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की है। पुलिस को अभी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

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मोहाली निवासी 76 वर्षीय गुरकृपाल सिंह चावला के शव को पुलिस ने सेक्टर 6 स्थित सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। घटनास्थल पर पहुंचे चौकी इंचार्ज मुकेश ने बताया कि परिजनों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि मृतक गुरकृपाल सिंह चावला के चंडीगढ़ और मोहाली में कई फिलिंग स्टेशन हैं। इसके अलावा अंबाला रोड पर हवेली रेस्टोरेंट और एक फिलिंग स्टेशन भी है। इसके अलावा उनका प्रॉपर्टी का भी बड़ा कारोबार था।

होटल पहुंचे परिजन फंदे से उतारकर ले गए अस्पताल
मृतक गुरकृपाल सिंह पारिवारिक कलह के चलते पिछले पांच-छह साल से परेशान चल रहे थे। बुधवार शाम को वह अपने ड्राइवर के साथ सेक्टर-1 स्थित रेड बिशप होटल में पहुंचे और कमरा बुक करवाया। इसके बाद ड्राइवर का फोन भी अपने पास रख लिया लेकिन जब ज्यादा समय हो गया तो ड्राइवर ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उसने परिजनों को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो देखा कि वह फंदे से लटके हुए हैं। परिजनों ने उनको नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।
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फंदा लगाने से पहले बंद कर दिया था फोन
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उद्योगपति गुरकृपाल सिंह पिछले कुछ सालों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। बुधवार शाम को वह अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर घर से निकले थे। उनके साथ उनका ड्राइवर भी था। रात करीब 9:30 बजे तक उन्होंने ड्राइवर का मोबाइल अपने पास रखा था। इसके बाद उन्होंने मोबाइल ड्राइवर को दे दिया। इसके थोड़ी देर बाद उन्होंने सुसाइड कर लिया।
 

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प्रसिद्ध उद्योगपतियों में होती थी गुरकृपाल चावला की गिनती

मोहाली निवासी गुरकृपाल सिंह चावला की गिनती ट्राईसिटी के प्रसिद्ध उद्योगपतियों में होती थी। उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटा चंडीगढ़ सेक्टर-15 में रहता है और रियल स्टेट का कारोबार बड़े स्तर पर करता है जबकि एक बेटी का तलाक हो चुका है और वह परिवार के साथ ही रहती है जबकि दूसरी बेटी की शादी विदेश में हुई है। गुरकृपाल सिंह एक मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे सेक्टर-7 चौकी से मिली जानकारी के मुताबिक गुरकृपाल सिंह चावला के करीबी रिश्तेदार ने ही चार साहिबजादे फिल्म बनाई थी।

गुरकृपाल सिंह का झुकाव बेटी की तरफ ज्यादा था। यही कारण था कि उन्होंने करोड़ों के बिजनेस में उसे भी पार्टनर बनाया था। इसके चलते परिवार के कुछ सदस्य नाखुश थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। वहीं, चर्चा यह भी है कि परिजनों के हाथ उनके द्वारा लिखा कोई पत्र भी मिला है लेकिन पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है।

सूचना मिलते ही अस्पताल में लगा तांता
जैसे ही घटना की सूचना लगी पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली के उद्योगपतियों को सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में तांता लग गया। वहीं किसी बात को लेकर कुछ लोगों की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। लोगों के गुस्से को देख कुछ पुलिसकर्मी दबे पांव खिसक लिए। हालांकि बाद में सेक्टर-5 थाना प्रभारी ललित शर्मा ने मौका संभाला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव का वीरवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। इसके बाद परिजनों से पूछताछ की जाएगी। 

सुसाइड की सच्चाई आएगी सबके सामने
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सुसाइड की गुत्थी जल्द सुलझा ली जाएगी। यदि मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि गुरकृपाल सिंह बहुत ही सीधे-साधे व्यक्ति थे। वह खुद फिलिंग स्टेशन पर गाड़ियों में पेट्रोल डालने से भी नहीं झिझकते थे। इसके अलावा वह कभी अंबाला हाईवे स्थित हवेली तो कहीं चंडीगढ़ पेट्रोल पंप पर दिखाई देते थे। वह फिलिंग स्टेशन पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ परिवार के जैसा बर्ताव करते थे।
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