मोहाली निवासी गुरकृपाल सिंह चावला की गिनती ट्राईसिटी के प्रसिद्ध उद्योगपतियों में होती थी। उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटा चंडीगढ़ सेक्टर-15 में रहता है और रियल स्टेट का कारोबार बड़े स्तर पर करता है जबकि एक बेटी का तलाक हो चुका है और वह परिवार के साथ ही रहती है जबकि दूसरी बेटी की शादी विदेश में हुई है। गुरकृपाल सिंह एक मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे सेक्टर-7 चौकी से मिली जानकारी के मुताबिक गुरकृपाल सिंह चावला के करीबी रिश्तेदार ने ही चार साहिबजादे फिल्म बनाई थी।
गुरकृपाल सिंह का झुकाव बेटी की तरफ ज्यादा था। यही कारण था कि उन्होंने करोड़ों के बिजनेस में उसे भी पार्टनर बनाया था। इसके चलते परिवार के कुछ सदस्य नाखुश थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। वहीं, चर्चा यह भी है कि परिजनों के हाथ उनके द्वारा लिखा कोई पत्र भी मिला है लेकिन पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है।
सूचना मिलते ही अस्पताल में लगा तांता
जैसे ही घटना की सूचना लगी पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली के उद्योगपतियों को सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में तांता लग गया। वहीं किसी बात को लेकर कुछ लोगों की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। लोगों के गुस्से को देख कुछ पुलिसकर्मी दबे पांव खिसक लिए। हालांकि बाद में सेक्टर-5 थाना प्रभारी ललित शर्मा ने मौका संभाला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव का वीरवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। इसके बाद परिजनों से पूछताछ की जाएगी।
सुसाइड की सच्चाई आएगी सबके सामने
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सुसाइड की गुत्थी जल्द सुलझा ली जाएगी। यदि मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि गुरकृपाल सिंह बहुत ही सीधे-साधे व्यक्ति थे। वह खुद फिलिंग स्टेशन पर गाड़ियों में पेट्रोल डालने से भी नहीं झिझकते थे। इसके अलावा वह कभी अंबाला हाईवे स्थित हवेली तो कहीं चंडीगढ़ पेट्रोल पंप पर दिखाई देते थे। वह फिलिंग स्टेशन पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ परिवार के जैसा बर्ताव करते थे।