चंडीगढ़। नए साल की शुरुआत में वैट नोटिसों से परेशान कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। नगर निगम सदन की बैठक के दौरान पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वैट मामलों में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू करने के प्रयास किए जाएंगे। उनके इस बयान के बाद व्यापार जगत में सकारात्मक माहौल बन गया है और हजारों कारोबारियों को लंबित कर विवादों से राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने प्रशासक के इस रुख का स्वागत करते हुए आभार जताया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने कहा कि शहर के व्यापारी लंबे समय से ओटीएस योजना की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार, वर्तमान में 5 हजार से अधिक कारोबारियों को वैट से जुड़े नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनकी कुल बकाया राशि करीब 4 से 5 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। कई मामलों में भुगतान न होने के चलते प्रशासन ने 100 से अधिक कारोबारियों के बैंक खाते भी सीज कर दिए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि ओटीएस लागू होने से वर्षों पुराने वैट मामलों का व्यावहारिक समाधान निकल सकेगा। इससे व्यापारी बिना किसी कानूनी दबाव के बकाया कर का निपटारा कर पाएंगे। व्यापारियों का मानना है कि यह कदम केवल उन्हें राहत देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे प्रशासन और नगर निगम की राजस्व वसूली को भी गति मिलेगी।
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने कहा कि फिलहाल वैट नोटिसों और सीज खातों के डर से कई व्यापारी भुगतान से बच रहे हैं। ओटीएस योजना आने पर वे आगे आकर कर जमा करेंगे, जिससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। उल्लेखनीय है कि 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद वैट प्रणाली समाप्त हो गई थी, लेकिन आठ साल बाद भी पुराने वैट नोटिस कारोबारियों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं।