संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। संगरूर से प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए लुधियाना पहुंची खिलाड़ियों से भरी बस हाईटेंशन तार से टकरा गई। इससे तारों से चिंगारियां निकलनी शुरू हो गईं। हादसा कोचर मार्केट में हुआ जब सुबह बस चालक लुधियाना पहुंचा।
बच्चों के एकदम से शोर मचाने पर चालक ने बस रोक दी। जब चिंगारियां निकलनी बंद हुई तो उन्होंने बस को वहीं रोक दिया और बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। इसके बाद धीरे-धीरे बस पीछे कर सुरक्षित निकाली गई। हालांकि तार से चिंगारियां निकलने के कारण आसपास की तारों को भी नुकसान हो गया और इलाके की लाइट भी काफी समय तक चली गई। विभाग के कर्मचारी आए और उन्होंने तार सही की तो बिजली सप्लाई शुरू हो पाई।
लुधियाना में हो रही खेल प्रतियोगिता में पंजाब के अलग-अलग शहरों से खिलाड़ी हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। बस में संगरूर जिले के करीब 55 खिलाड़ी सवार थे। जैसे ही बस लुधियाना के कोचर मार्केट इलाके में पहुंची, वहां लटक रहे हाईटेंशन तारों से टकरा गई। इससे तारों में चिंगारी उठने लगी तो खिलाड़ियों ने शोर मचा दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही तार बस में उलझे, वैसे ही वे टूट गए और चिंगारी उठने के साथ ही जमीन पर गिर पड़े। इनसे जुड़े अन्य तारों में भी चिंगारियां उठने लगी। धमाके जैसी आवाज सुनकर क्षेत्र के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने तुरंत ड्राइवर को कहकर बस रुकवाई और हादसे की जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए बस के अंदर से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
गनीमत रही कि किसी भी बच्चे को करंट नहीं लगा। मगर, बच्चे सहम गए थे। लोगों ने बताया कि बस में उलझते ही तार टूटकर नीचे गिर पड़े, जिससे बस में करंट नहीं फैला। हादसे के बाद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना बिजली निगम के कर्मचारियों को दी। तुरंत ही बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंचे ओर लाइन बंद करवाकर तारों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। हालात सामान्य होने पर खिलाड़ियों को दूसरे वाहन से रवाना किया गया।
अंधेरे में नजर नहीं आई तार : ड्राइवर
ड्राइवर ने बताया कि अंधेरा होने और सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट बंद रहने के कारण उसे तारें दिखाई नहीं दीं। अचानक चिंगारी निकली और बच्चे डर गए। गनीमत रही कि बस में सवार बच्चे सुरक्षित हैं। स्थानीय लोगों ने बच्चों को बस से उतारने में काफी मदद की। इलाके के लोगों ने बताया कि कोचर मार्केट में तार कई जगहों पर झूल रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग आंखें मूंदे बैठा है।