चंडीगढ़। सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में छात्रों के लिए सुरक्षित परिवहन नीति (स्ट्रैप्स) की बैठक मंगलवार को डीसी-कम-परिवहन विभाग के सचिव विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई। परिवहन सचिव ने स्कूल आने-जाने के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। कहा कि ड्राइवरों को पेशेवर रूप से कुशल होना चाहिए। कंडक्टरों को उचित रूप से वर्दी पहननी चाहिए और छात्रों को ले जाने वाली प्रत्येक स्कूल बस और वाहन में अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक चिकित्सा किट होनी चाहिए। निर्देश दिया कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सभी कंडक्टरों को समय-समय पर ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। उन्होंने एसटीए और ट्रैफिक पुलिस को समय-समय पर भीड़भाड़ वाली स्कूल बसों, ऑटो, रिक्शा आदि जांच करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने राज्य परिवहन प्राधिकरण से स्कूली बच्चों के स्कूलों तक परिवहन के साधनों का डेटा संकलित करने को कहा। उन्होंने इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन से स्कूल आने के दौरान बच्चों की सुरक्षा के संबंध में अभिभावकों को सलाह जारी करने को भी कहा। बैठक के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि उन्होंने विभिन्न अपराधों के उल्लंघन के लिए 614 स्कूल बसों, 630 ऑटो रिक्शा और 23 ई-रिक्शा का चालान किया है। एसटीए ने पिछले एक साल (अगस्त 2023 से अगस्त 2024) में उचित वर्दी न पहनना, नेम प्लेट, रूट टाइम टेबल बोर्ड, ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग आदि स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों से संबंधित उल्लंघन में 268 वाहनों का चालान किया है। बैठक में सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन शिप्रा बंसल, एसटीए सचिव रूपेश कुमार, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक परिवहन प्रद्युम्न सिंह व अन्य उपस्थित रहे।