पंजाब की एक महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना बताया है।
विज्ञापन
याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक जवाब नहीं आया तो उन्हें वीसी के जरिये हाजिर रहना होगा।
रोपड़, निवासी आशा रानी ने बताया कि उसने 2021 में हुसनपुर गांव में जमीन खरीदी थी और उसके बाद मकान बनाया था। उस पर एनडीपीएस के दो मामले चल रहे हैं और वर्तमान में वह जमानत पर है।
28 फरवरी को बिना किसी नोटिस या तय प्रक्रिया का पालन किए उसके घर पर बुलडोजर चला दिया गया। याची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने आदेश दिया था कि किसी भी अपराधी की संपत्ति पर बिना कोर्ट की अनुमति के बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा। ऐसे में पंजाब सरकार की यह कार्रवाई सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस उल्लंघन के लिए मुख्य सचिव सहित अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया जाए। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है।