प्रशासक की मंजूरी मिली तो हरियाणा की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी एक जैसे बिल्डिंग बॉयलाज हो जाएंगे। ड्राफ्ट बनकर तैयार है। सोमवार को इस ड्राफ्ट पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की मंजूरी मांगी जाएगी। मंजूरी मिलते ही सभी बिल्डिंग बॉयलाज का सरलीकरण हो जाएगा। नवंबर में ही इसकी अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
दरअसल यूटी प्रशासन अब हरियाणा की तरह ही यूनिफॉर्म बिल्डिंग कोड सिस्टम को अपनाएगा। नए सिस्टम के बाद एक जैसी प्रापर्टी के लिए एक ही तरह के बिल्डिंग बॉयलाज होंगे, यानी एससीओ है तो उसके लिए सभी सेक्टरों में एक ही जैसे नियम होंगे। अभी जो बिल्डिंग बायलॉज हैं वे काफी पेचीदा हैं। पूरे शहर में यह एक जैसे नहीं हैं। एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर की कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल बिल्डिंग पर आर्किटेक्चरल कंट्रोल अलग-अलग है।
बात इंडस्ट्रियल एरिया की ही करें तो यहां भी यह एक जैसा नहीं है। सालों से शहरवासी बिल्डिंग बायलॉज की शिकायत प्रशासन से करते रहे हैं। नए सिस्टम के बाद बिल्डिंग प्लान की मंजूरी एक तय समय में मिलेगी। हरियाणा सरकार ने जून माह से हरियाणा यूनिफार्म बिल्डिंग कोड-2016 की शुरुआत की है। चंडीगढ़ ने हरियाणा सरकार द्वारा बनाए गए बिल्डिंग कोड के पैटर्न को स्टडी करने के लिए एक कमेटी बनाई थी। अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने इस नए सिस्टम पर फीडबैक लेने के लिए चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर में प्राइवेट आर्किटेक्ट्स से मीटिंग भी की थी।
बिल्डिंग प्लान की मंजूरी भी मिलेगी ऑनलाइन
बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए अभी लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। एस्टेट ऑफिस बिल्डिंग प्लान को ऑनलाइन मंजूरी देने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। यूनिफार्म कोड होने के बाद ऑनलाइन ही बिल्डिंग प्लान मिलने लगेंगे। अभी बिल्डिंग प्लान की एप्लीकेशन प्रिंटिंग ड्राइंग केसाथ बिल्डिंग ब्रांच में जमा करानी होती है। फिर इस पर मैनुअल तरीके से काम होता है।
इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है। एस्टेट ऑफिस के सिटीजन चार्टर के अनुसार रिवाइज्ड बिल्डिंग प्लान को 32 दिन में मंजूरी देना अनिवार्य है। इसके अलावा फ्रेश बिल्डिंग प्लान के लिए 24 दिन का समय निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद क्लर्क इसके लिए कई-कई महीनों का समय ले लेते हैं।
यूनिफॉर्म बिल्डिंग बॉयलाज का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। अगले सप्ताह तक इस पर प्रशासक की मंजूरी ले ली जाएगी। जिसके बाद बॉयलाज का सरलीकरण हो जाएगा।
- सर्वजीत सिंह, वित्त सचिव, यूटी प्रशासन