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निगम का 1072 करोड़ का बजट पास, कोई नया टैक्स नहीं

Sat, 13 Feb 2016 11:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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बिना कोई नया टैक्स लगाए चंडीगढ़ नगर निगम ने शुक्रवार को हंगामे के बीच 1072 करोड़ 48 लाख रुपये का बजट पास कर दिया। इसमें प्लान बजट के लिए 571 करोड़ 90 लाख और नॉन प्लान बजट के लिए 500 करोड़ 58 लाख रुपये का प्रावधान किए गए हैं। जबकि नगर निगम ने साल 2016-17 के नए वित्तीय सत्र में अपनी प्रस्तावित आय मात्र 158 करोड़ 41 लाख होने का दावा किया है।
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सदन में पास हुए बजट में शहरवासियों के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट शामिल नहीं है। विपक्ष ने बजट को सिर्फ आंकड़ों का फेरबदल बताया है। कांग्रेस ने इसे पुरानी बोतल में नई शराब बताया है। जबकि भाजपा की ओर से इसे लोगों का बजट बताते हुए अरुण सूद को बधाई दी गई।

सदन की बैठक की शुरुवात में भाजपा और मनोनीत पार्षदों ने एक घंटे तक मेयर अरुण सूद के तारीफ पुल बांधे।  इस मौके पर मेयर अरुण सूद ने कहा कि कजौली वाटर वर्क्स के लिए दो नए फेज पर जो राशि खर्च होनी है उसके लिए 250 करोड़ की राशि अलग से प्रशासन से मिलेगी।
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अनुसूचित जाति आरक्षित वार्ड में 17% खर्च होगा
इस बार बजट में अनूसूचित जाति के लिए समाज कल्याण विभाग की मंजूरी से अलग से फंड का प्रावधान किया गया है। इसके लिए भाजपा पार्षद सतीश कैंथ ने अहम रोल अदा किया है। इसके तहत अब नगर निगम के कुल बजट का 17 प्रतिशत एससी के लिए आरक्षित वार्ड पर खर्च किया जाएगा। इस समय नगर निगम के 5 वार्ड आरक्षित हैं जिनमे से सर्फ अनुसूचित जाति के ही पार्षद हैं। हर चुनाव से पहले प्रशासन जनसंख्या के हिसाब से यह वार्ड तय करता है।

547 करोड़ प्रशासन से लेने का दावा
पास बजट में नगर निगम की ओर से दावा किया गया है कि प्लान बजट में 547 करोड़ रुपये की ग्रांट प्रशासन से ली जाएगी,जबकि हकीकत यह है कि आज तक नगर निगम को प्लान बजट में इतनी बड़ी राशि नहीं प्राप्त हुई है। चालू बजट सत्र में नगर निगम को प्रशासन से 102 करोड़ रुपये की राशि मिली थी। इसके साथ ही पिछले चार सालों में नगर निगम पास बजट का 60 फीसदी तक ही खर्च कर पाया। ऐसे में अगर प्रशासन से नगर निगम को प्लान बजट में यह भारी भरकम राशि मिल भी जाती है तो उसे पूरा खर्च कर पाना संभव नहीं है।

मनोनीत पार्षद ने की 30% कटौती की मांग
मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा की ओर से सदन में यह कहा भी गया कि जो नया बजट बजट पास किया जा रहा है उसमे 30 प्रतिशत की कटौती की जाए। बग्गा ने सदन में कहा कि साल 2012-13 में पास बजट का 56, साल 2013-14 में 87, साल 2014-15 में 65, साल 2015-16 में 60 प्रतिशत खर्च हुआ है। बग्गा ने कहा कि  नए बजट में आंकड़े बदले जाते हैं, वे सब फर्जी है।

इतना पैसा मिला तो पदमश्री के लिए मेयर के नाम की सिफारिश
सदन में कांग्रेस पार्षद एवं पूर्व मेयर सुभाष चावला ने कहा कि इसमे कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने कहा कि जो पिछले 15 साल में कांग्रेस के मेयर जो बजट पास करते आए है उसमे कोई बदलाव नहीं है। 158 करोड़ की कमाई के साथ 1072 करोड़ का बजट पास करना वाजिब नहीं है। उन्होंने पूछा कि बाकी 872 करोड़ की राशि नगर निगम कहां से लेकर आएगा। उनका दावा है कि प्रशासन कभी भी प्लान बजट में 547 करोड़ की राशि नहीं देगा अगर मेयर अरुण सूद यह राशि ले आते है तो कांग्रेस पार्टी सूद का नाम पदम श्री के लिए प्रस्तावित करके केंद्र सरकार को भेजेगी। चावला ने कहा कि अच्छा होता है कि इस बैठक में शहर की सांसद किरण खेर भी उपस्थित होतीं।
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