नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी ने शुक्रवार को शहर के लिए 1072 करोड़ 48 लाख रुपये का बजट पास किया है। इसमें प्लान बजट के लिए 571 करोड़ 90 लाख और नॉन प्लान बजट के लिए 500 करोड़ 58 लाख रुपये पास किए हैं।
अभी इस पर फाइनल मंजूरी 12 फरवरी को होने वाली सदन की बैठक में लगेगी। मालूम हो कि पिछले साल नगर निगम ने कुल 818 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। ऐसे में पिछले बजट के मुकाबले में साल 2016-17 के लिए जो बजट पास किया जा रहा है, उसकी राशि 254 करोड़ अधिक है।
इस साल जो बजट पास किया है उसमें प्राइमरी स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए पिछले बजट के मुकाबले में राशि कम की गई है। हालांकि पिछले बजट की राशि नगर निगम खर्च भी नहीं कर पाया है।
प्राइमरी स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए पिछले बजट में 20-20 करोड़ की राशि तय की गई थी। लेकिन इस बार नए बजट में प्राइमरी स्वास्थ्य में 15 और प्राइमरी शिक्षा के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है।
किस मद के लिए कितनी राशि रखी है निगम ने
विंग------------------------राशि (करोड़ में)
बिल्डिंग एवं रोड--------------60
सिविल वर्क------------------32
सोल्डि वेस्ट मनेजमेंट---------59 करोड़ 40 लाख
प्राइमरी स्वास्थ्य--------------15
वाटर सप्लाई सिस्टम---------25
प्राइमरी शिक्षा-----------------5
सीवरेज---------------------5
पानी की निकासी-------------2
बिजली-----------------------15
बागवानी--------------------10
ई गवर्नेंस-------------------15 करोड़ 95 लाख
नॉन रेजिडेंट्स बिल्डिंग-----10 करोड़ 50 लाख
ईडब्लयूएस कॉलोनियों के लिए----17
गांव की मूलभूत सुविधाएं--------7
वार्ड डेवलपमेंट फंड--------------12 करोड़ 70 लाख
फायर एंड इमरजेंसी------------33 करोड़ 35 लाख
सहज सफाई केंद्र---------------50 लाख
एनयूएलएम----------------------2
ड्राफ्ट बजट भेजा रात को
जब तक भाजपा विपक्ष में थी तो बैठक के लिए एजेंडा देरी से आने पर खूब शोर करती थी। लेकिन नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी के लिए ड्राफ्ट बजट सदस्यों को शुक्रवार रात तक मिला। ऐसे में सदस्य स्टडी नहीं कर पाए।
लोगों के सुझावों पर भी हुई चर्चा
बैठक में जो लोगों द्वारा नगर निगम के पास आनलाइन सुझाव आए हैं उन पर भी चर्चा हुई। कई लोगों ने सुझाव की बजाय अपनी समस्याएं नगर निगम को बताई हुई थी।
मेयर और चावला के बीच जमकर हुआ हंगामा
वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक के शुरूवात में ही मेयर अरुण सूद और पूर्व मेयर सुभाष चावला के बीच जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पहले ही इस बैठक के बहिष्कार की घोषणा कर चुकी थी। हंगामे के बाद सदस्य सुभाष चावला चुनाव के परिणाम को अवैध बताते हुए वाक आउट करके बैठक से बाहर आ गए जबकि कमिश्नर और अधिकारी मौन रहे।
बैठक के शुरूवात में सुभाष चावला ने कमिश्नर से पूछा कि उन्होंने वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में जो मेयर द्वारा धक्केशाही की है उस पर नगर निगम और प्रशासन को शिकायत दी है लेकिन उसका कोई जबाव नहीं आया है इस पर मेयर अरुण सूद ने चावला को कहा कि उनसे बात करो।
मेयर ने एक बार फिर से कहा कि अगर कांग्रेस को दिक्कत है तो वह कोर्ट चले जाएं। चावला ने सूद से कहा कि मेयर को यह बात शोभा नहीं देती है। चावला ने कहा कि अनुबंध कमेटी के चुनाव का परिणाम अवैध है। उन्होंने कहा कि अफसरों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है इसलिए अभी तक सदन की कार्रवाई की सीसीटीवी फुटेज कांग्रेस को नहीं दी जा हरी है।