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बजट ने ईमानदार आदमी का सीना 56 इंच कर दिया : टंडन

Thu, 02 Feb 2017 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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बजट को भाजपा ने सराहा - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय बजट की समीक्षा के लिए भाजपा के सीए प्रकोष्ठ एवं इकोनॉमिक प्रकोष्ठ ने बुधवार को बजट पर चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया। सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के सीए एवं बजट विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेषाध्यक्ष संजय टंडन ने की ।
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संजय टंडन ने बताया कि इस बार केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रस्तावित बजट में लगभग सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा है। इस बार के बजट ने ईमानदार आदमी का सीना 56 इंच का कर दिया है। 

आम आदमी को इस बजट से काफी फायदा मिलेगा। वित्तमंत्री ने राजनैतिक पार्टियों के फंड में भी पारदर्शिता लाने के लिए 20 हजार से घटाकर 2 हजार रुपये करके मोदी सरकार की ईमानदारी की छवि को उजागर कर दिया है।
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कार्यक्रम में प्रकोष्ठ के संयोजक प्रमोद बिंदल एवं तरसेम गर्ग ने कहा कि देश में छोटी औद्योगिक इकाईयों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी है। यह एक सराहनीय कदम है। इससे शहर के छोटे व्यापारियों को फायदा मिलेगा। रेलवे में भी ई-टिकट बुकिंग पर से सर्विस चार्ज हटा लेने से रेलवे टिकट भी सस्ती होगी। 

'काफी संतुलित बजट पर कई मामलों में अधूरी तैयारी'

वित्तमंत्री अरुण जेटली - फोटो : PTI
बजट पर किरण खेर का बयान 
इस बजट को नए बदलाव और तरक्की के बजट के तौर पर देखा जा सकता है। मिडल क्लास और लघु उद्योगों को बजट में काफी राहत दी गई है। आम जनता की भलाई के लिए बजट में कई प्रोविजन रखे गए हैं। मुझे उम्मीद है बजट से से ग्रामीण और एग्रीकल्चर सेक्टर में तेजी से विकास होगा। राजनीतिक पार्टियों की फंडिंग में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है। वित्त मंत्री की ओर से पेश किए गए बजट का स्वागत करती हूं। -किरण खेर ,सांसद चंडीगढ़ 

बुधवार को देश के आम बजट के बाद अमर उजाला ने पीयू  इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट की चेयरपर्सन प्रो.उपेंद्र साहनी से बातचीत की। प्रोफेसर साहनी ने कहा कि बजट में वित्त मंत्री ने बहुत सारे आंकड़े पेश किए हैं, जिसमें टैक्स देने वाले लोगों की संख्या कम होने का जिक्र किया गया है। 

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश बजट काफी संतुलित है। बजट में मध्य वर्ग के साथ किसानों के लिए भी कई नई लुभावनी घोषणाएं की गई हैं। लेकिन बजट में कई प्रस्तावों को अमल में लाने के बारे में वित्त मंत्री द्वारा कोई सुनिश्चित एक्शन प्लान की जानकारी नहीं दी गई है। 

लेकिन टैक्स के दायरे को बढ़ाने के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं दी गई है। नौकरी पेशा लोगों के लिए टैक्स सीमा में बढ़ोतरी कर मिडल क्लास को राहत दी है। मगर टैक्स बढ़ाने के बारे में कोई बात नहीं है। 
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पीजीआई को पिछले साल से 200 करोड़ अधिक बजट 

पीजीआई
 बजट में कैश ट्रांजेक्शन की सीमा 3 लाख की गई है, मेरे हिसाब से काला धन को कम करने के लिए यह सीमा 50 हजार से 1 लाख तक होनी चाहिए थी। इस फैसले से कोई अधिक लाभ की उम्मीद नहीं है। 

एसएमई पर टैक्स कम करने का फैसला भी स्वागत योग्य है। इससे छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। पॉलिटिकल फंडिंग पर नकेल कसने का फैसला काफी साहसिक है। 

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में किसानों की आय को दोगुना करने की बात कही है, लेकिन व्यवहारिक तौर पर इस टारगेट को पाने के बारे में कोई एक्शन प्लॉन नहीं दिया । 

जट में कई ऐसी घोषणाऐं की गई हैं जिन्हें जमीनी स्तर पर लागू कर पाना शायद कठिन हो। ओवरऑल बजट बैलेंस कहा जा सकता है। बजट में कैशलेस इकोनॉमी और किसानों पर काफी फोकस किया गया है।

पीजीआई को पिछले साल से 200 करोड़ अधिक बजट 
पीजीआई को केंद्र सरकार की ओर से जारी बजट में 1139.6 करोड़ का बजट मिला है। जबकि पिछले साल यह 938 करोड़ था। इस साल पीजीआई को को नॉन प्लॉन बजट में 907.6 करोड़ और प्लान बजट में 232 करोड़ मिला है। भविष्य में पीजीआई में मल्टी लेवल पार्किंग,न्यूरो साइंस सेंटर,फैकल्टी के लिए हाउसिंग प्रोजेक्ट आदि के प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे। 
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